दिल्ली पुलिस के एलीट डॉग स्क्वॉड (K-9 यूनिट) को अब अपना आधिकारिक प्रतीक चिन्ह मिल गया है। गुरुवार शाम दिल्ली पुलिस मुख्यालय में आयोजित समारोह में पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में इसका अनावरण किया। दिल्ली पुलिस का डॉग स्क्वॉड साल 1967 में बनाया गया था।
यह अपराध शाखा के अधीन काम करता है और अपराध की जांच, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की पहचान जैसे अहम कामों में पुलिस की मदद करता है। इन खास कुत्तों को पूरी देखभाल और बेहतर माहौल में रखा जाता है, ताकि वे फिट और तनावमुक्त रहकर अपना काम कर सकें।
तीन खास जिम्मेदारियां-
1. ट्रैकर डॉग्स – चोरी या अन्य अपराध की जांच में, गंध से सुराग पकड़कर पुलिस को अपराधी तक पहुंचने में मदद करते हैं।
2. विस्फोटक खोजी डॉग्स – वीआईपी कार्यक्रम, सार्वजनिक स्थल और बड़े आयोजनों में बम या विस्फोटक का पता लगाते हैं।
3. नशीले पदार्थ पकड़ने वाले डॉग्स – गाड़ियों, घरों, सामान और संदिग्ध लोगों के पास छिपाए गए ड्रग्स का पता लगाते हैं।
पूरी दिल्ली में तैनाती
वर्तमान में डॉग स्क्वॉड की टीमें दिल्ली के 10 इलाकों से काम करती हैं, जिनमें मॉडल टाउन, चाणक्यपुरी, दरियागंज, आर.के. पुरम, द्वारका और जनकपुरी जैसे इलाके शामिल हैं। ये टीमें बाजारों, मॉल, रेलवे-बस स्टेशन और संवेदनशील जगहों पर नियमित गश्त करती हैं। स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस जैसे बड़े आयोजनों और राष्ट्रपति भवन, विज्ञान भवन, हैदराबाद हाउस जैसे अहम स्थानों पर भी इन्हें तैनात किया जाता है।
देश की बड़ी एजेंसियों के साथ ट्रेनिंग
K-9 यूनिट के डॉग्स और उनके हैंडलर, एनएसजी, बीएसएफ, सीआरपीएफ और दिल्ली पुलिस अकादमी जैसे संस्थानों के साथ मिलकर लगातार ट्रेनिंग लेते हैं, ताकि नई तकनीकों और चुनौतियों के लिए हमेशा तैयार रह सकें।
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