Delhi Govt Scheme: दिल्ली सरकार ने शनिवार को बड़ा ऐलान किया कि अब केवल जरूरतमंदों को ही सरकारी योजनाओं का फायदा मिलेगा। ऐसे में अब हर साल लाभार्थियों का सत्यापन होगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया कि हर साल करीब 6 लाख लाभार्थियों का सत्यापन (यानि उनकी पूरी जांच-पड़ताल) किया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (फाइल फोटो)
अब बात सिर्फ किसी औपचारिक जांच की नहीं है, बल्कि यह एकदम सटीक और डिजिटल तरीका होगा। सरकार इसके लिए CSC संस्था से हाथ मिलाने जा रही है, जो केंद्र सरकार के आईटी मंत्रालय के तहत काम करती है।
क्या-क्या होगा जांच में?
जांच के दौरान लाभार्थियों से आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, पता, फोटो और जीवन प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज लिए जाएंगे। इसके लिए विधिवत एक व्यवस्था तैयार की जाएगी। अगर कोई लाभार्थी सीएससी सेंटर नहीं पहुंच पाता है तो सरकार उनके घर तक एक टीम भेजेगी। जिसका मतलब साफ है कि आपके दरवाजे पर ही आपका सत्यापन होगा।
- आधार कार्ड
- मोबाइल नंबर
- घर का पता
- ताजा फोटो
- जीवन प्रमाण पत्र
खर्च किसका? सरकार देगी पूरा खर्चा!
इस प्रक्रिया पर हर व्यक्ति का लगभग 70 रुपये (CSC सेंटर पर) और 100 रुपये (घर पर जांच के लिए) खर्च आता है, लेकिन इसकी चिंता आपको नहीं करनी सारा खर्च सरकार उठाएगी।
मिलेगा एक डिजिटल पहचान पत्र
हर लाभार्थी को एक डिजिटल पहचान पत्र भी दिया जाएगा, जिससे भविष्य में योजनाओं का फायदा लेने में कोई दिक्कत न हो। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा,हम चाहते हैं कि सिर्फ वही लोग सरकारी योजनाओं का लाभ लें, जो वाकई उसके हकदार हैं। इस फैसले से फर्जीवाड़ा खत्म होगा, मरे हुए लोगों के नाम पर मदद बंद होगी, और सरकार की मदद सही हाथों तक पहुंचेगी। पारदर्शिता ही हमारा मकसद है।
सरकार ने साफ किया है कि यह जांच बहुत जल्द शुरू की जाएगी और हर साल यह प्रक्रिया दोहराई जाएगी ताकि कोई गलत लाभार्थी सिस्टम में टिक न पाए। बीते कुछ समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी योजनाओं का फायदा उठा रहे हैं, जबकि असली जरूरतमंद पीछे रह जाते हैं। अब इस नए सिस्टम से हर चीज होगी पारदर्शी और सटीक।
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