Delhi News: दिल्ली में भाजपा सरकार के गठन के बाद, व्यापारियों के हित में कई अहम निर्णय लिए जा रहे हैं। पहले होटल और रेस्टोरेंट के लाइसेंस में पुलिस की भूमिका समाप्त की गई और फैक्ट्री लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाया गया। अब सरकार 2018 में सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग कमेटी के आदेश पर सील की गई संपत्तियों को राहत देने की योजना बना रही है।
दिल्ली सरकार की संपत्तियों को डी-सील करने की योजना (प्रतीकात्मक फोटो: Canva)
इस योजना के तहत संपत्तियों को डी-सील करने का प्रस्ताव है, जिससे व्यापारियों को राहत मिलेगी और रिहायशी संपत्तियों में बिजली-पानी के मीटर न होने जैसी समस्याओं का समाधान होगा। 2017-18 में मॉनिटरिंग कमेटी ने संपत्तियों के दुरुपयोग, कन्वर्जन और अवैध निर्माण के कारण बड़ी संख्या में दुकानें सील की थीं। इसके बावजूद, लगभग 5000 से अधिक दुकानें अब भी सील हैं।
केंद्र और दिल्ली सरकार ने इस मुद्दे पर चर्चा की है। सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए राहत देने के लिए रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा, अवैध निर्माण के कारण बुक की गई संपत्तियों को भी राहत देने पर विचार किया जा रहा है, ताकि लोगों को आवासीय सुविधाएं और बुनियादी सेवाएं मिल सकें। गृह मंत्री अमित शाह की हालिया बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई, लेकिन राहत देने के तरीकों पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
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