दिल्ली सरकार का बड़ा कदम; अब फिटनेस बताएगी गाड़ी की उम्र, सालाना 72,000 वाहनों की होगी जांच

दिल्ली सरकार अब पुराने वाहनों की उम्र तय करने के लिए फिटनेस जांच को आधार बनाने जा रही है। नंद नगरी में एक नया ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर स्थापित किया जाएगा, जो सालाना 72,000 वाहनों की जांच करने में सक्षम होगा। सरकार का उद्देश्य है कि केवल सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल वाहन ही राजधानी की सड़कों पर चलें।

दिल्ली सरकार पुराने वाहनों की उम्र का निर्धारण अब फिटनेस के आधार पर करने की दिशा में कदम उठा रही है। इसी क्रम में, सरकार नंद नगरी में एक आधुनिक ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर (एटीएस) की स्थापना करने जा रही है, जिसका शिलान्यास अगले वर्ष मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा किया जाएगा। यह सेंटर सालाना 72,000 वाहनों की फिटनेस जांच करने में सक्षम होगा।

Fitness Test for Old Vehicle in Delhi

दिल्ली में पुराने वाहनों के लिए फिटनेस टेस्ट (Photo: Canva)

फिलहाल दिल्ली में व्यावसायिक और परिवहन वाहनों के लिए फिटनेस जांच अनिवार्य है। पहले आठ वर्षों तक हर दो साल में और उसके बाद हर साल। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, दिल्ली-एनसीआर में डीजल वाहनों की अधिकतम आयु 10 साल और पेट्रोल वाहनों की 15 साल तय की गई है। अब दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि वाहनों की आयु सीमा का निर्धारण भी उनकी फिटनेस रिपोर्ट के आधार पर किया जाए, जिससे सड़कों पर केवल सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल वाहन ही संचालित हों।

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