Delhi Navratri: दिल्ली में नवरात्र की रौनक बढ़ रही है और गरबा-डांडिया महोत्सव जगह-जगह आयोजित हो रहे हैं। मां दुर्गा की आराधना और लोक संस्कृति का यह अनोखा संगम हर वर्ग के लोगों को आकर्षित करता है। गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से उपजी यह परंपरा अब पूरे देश में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई जाती है। इन आयोजनों में लाखों लोग जुटते हैं, जहां युवाओं का जोश और भक्ति का भाव दोनों देखने को मिलते हैं। लेकिन राजधानी दिल्ली में हो रहे कुछ आयोजनों को लेकर विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने गंभीर चिंता जाहिर की है।
गरबा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं
वीएचपी का कहना है कि नवरात्र जैसे पवित्र पर्व पर गरबा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि स्त्री-शक्ति और संस्कृति की प्रतिष्ठा का प्रतीक है। ऐसे में इसकी पवित्रता को किसी भी कीमत पर आंच नहीं आनी चाहिए। वीएचपी के मुताबिक, हाल के वर्षों में कुछ आयोजनों में अशोभनीय गीत-संगीत, असंस्कृति और संदिग्ध गतिविधियों के मामले सामने आए हैं, जो समाज के लिए चिंता का विषय हैं।
आयोजकों पर सवाल
वीएचपी ने कहा है कि कुछ इवेंट मैनेजमेंट कंपनियां और आयोजक ऐसे भी हैं, जिनके कार्यक्रम धार्मिक उद्देश्य से अधिक व्यावसायिक और अशोभनीय दिखते हैं। वहां होने वाली गतिविधियां न तो त्योहार की भावना से मेल खाती हैं और न ही भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करती हैं। परिषद का मानना है कि भीड़भाड़ का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व सक्रिय हो सकते हैं, जिससे महिलाओं और परिवारों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
वीएचपी की अपील
-वीएचपी ने आयोजकों से आग्रह किया है कि हर प्रतिभागी की पहचान की जांच हो और संदिग्ध लोगों को प्रवेश से रोका जाए।
-अशोभनीय गीत-संगीत और नृत्य से परहेज करते हुए माहौल पूरी तरह सांस्कृतिक और गरिमामय रखा जाए।
-महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए और शिकायत दर्ज कराने के लिए स्पष्ट व्यवस्था हो।
-मंच से समय-समय पर जानकारी दी जाए कि समस्या होने पर कहाँ और किससे संपर्क करें।
पुलिस-प्रशासन से आग्रह
दिल्ली पुलिस आयुक्त को भेजे पत्र में परिषद ने प्रशासन से भी आग्रह किया है कि अनुमति देने से पहले आयोजकों और कंपनियों की पृष्ठभूमि की गहन जांच हो।
संदिग्ध या अशोभनीय आयोजनों को मंजूरी न दी जाए।
स्थानीय थाना पुलिस द्वारा निरंतर निगरानी रखी जाए और किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
संस्कृति की रक्षा जरूरी
वीएचपी दिल्ली प्रांत मंत्री सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ने पत्र लिखकर स्पष्ट कहा है कि नवरात्र का गरबा महोत्सव केवल उत्सव नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक धरोहर है। इसे किसी भी तरह की अशोभनीयता या असामाजिक गतिविधियों का मंच बनने से बचाना आयोजकों और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है। परिषद ने सभी भक्तों और प्रतिभागियों से भी अपील की है कि वे उत्सव की गरिमा बनाए रखें और इसे समाज में सकारात्मक संदेश देने का माध्यम बनाएं।
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