Delhi Flood Update: दिल्ली में इस साल बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। यमुना का जलस्तर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था। लेकिन अब खतरे के निशान से नीचे आ गया है। बुधवार सुबह 6 बजे दिल्ली में जलस्तर 205.25 मीटर दर्ज किया गया। मंगलवार रात 8 बजे खतरे के निशान 205.33 मीटर से नीचे आ गया था। यानी यमुना के जलस्तर में लगातार गिरावट आ रही है। सोमवार को बारिश के कारण नदी के जल स्तर में मामूली वृद्धि देखी गई थी। सीडब्ल्यूसी के बाढ़-निगरानी पोर्टल के मुताबिक पल्ला में नदी के बाढ़ क्षेत्र में कुछ ट्यूबवेल में पानी भर जाने के कारण प्रतिदिन केवल 10-12 मिलियन गैलन पानी की कमी हुई है। डीजेबी पल्ला बाढ़ के मैदानों में स्थापित ट्यूबवेल से प्रतिदिन करीब 30 मिलियन गैलन पानी निकालता है।
दिल्ली में यमुना के जल स्तर में आई गिरावट (तस्वीर-PTI)
1978 के बाद यमुना में आई थी ऐसी बाढ़
शुरुआत में 8 और 9 जुलाई को बारिश के कारण जलभराव की समस्या पैदा हुई थी। इन मात्र दो दिन में शहर के मासिक बारिश कोटे की 125 प्रतिशत वर्षा हुई थी। इसके बाद, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा सहित ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण यमुना का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। नदी का जल गुरुवार को 208.66 मीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। इसने सितंबर 1978 में 207.49 मीटर के सबसे अधिक जलस्तर के रिकॉर्ड को तोड़ दिया था।
केजरीवाल ने डीजीबी को कहा-थैंक्स
यमुना के जलस्तर में वृद्धि के कारण वजीराबाद में एक पंप हाउस में पानी भर जाने से वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला जल उपचार संयंत्रों में परिचालन बाधित हो गया, जिससे जलापूर्ति में 25 प्रतिशत की गिरावट आई। ओखला डब्ल्यूटीपी ने शुक्रवार को और चंद्रावल ने रविवार को परिचालन शुरू किया। केजरीवाल ने मंगलवार को ट्वीट किया कि वजीराबाद जल शोधन संयंत्र ने पूरी क्षमता से काम करना शुरू कर दिया है। अब सभी डब्ल्यूटीपी पूर्ण क्षमता से संचालित हो रहे हैं। डीजेबी (दिल्ली जल बोर्ड) ने कड़ी मेहनत की। डीजेबी को धन्यवाद। शहर के कई हिस्से एक सप्ताह से जलभराव और बाढ़ की समस्या से जूझ रहे हैं।
जलमग्न इलाके से पानी निकालने का काम जारी
दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने मंगलवार को राजघाट स्थित महात्मा गांधी के स्मारक परिसर का निरीक्षण किया जहां यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से बाढ़ जैसे हालात है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले 24 घंटों में वहां जमा पानी को पूरी तरह से निकाल दिया जाएगा। उपराज्यपाल ने शाम को ट्वीट किया कि राजघाट से बाढ़ के पानी को निकालने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने लिखा कि जलमग्न राजघाट से पानी निकालने का काम तेजी से किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत रविवार को की गयी थी। भीषण बाढ़ की स्थिति है और भारत के गौरव इस राष्ट्रीय स्थान को पुनर्स्थापित करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। आज शाम जमीनी स्तर पर कार्यों का जायजा लिया। उपराज्यपाल ने संवाददाताओं से कहा कि राजघाट से अधिकतर पानी को निकाल दिया गया है। बचा हुआ कार्य अगले 24 घंटों में पूरा हो जाएगा।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Delhi News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।
