अब दिल्ली एम्स में आसानी से मिल जाएगा बेड, खास फैसले पर खास नजर

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Mar 4, 2023, 09:44 AM IST

एम्स पर बोझ कम करने के लिए दिल्ली सरकार के दो सरकारी अस्पतालों को अपने यहां मरीजों की संख्या के बारे में बताना होगा। इसका मकसद यह है कि एम्स में भर्ती क्रिटिकल लेकिन स्टेबल मरीज को रेफर किया जा सके।

Delhi AIIMS: दिल्ली के दो सरकारी अस्पतालों को अब अपने पेशेंड लोड के बारे में एम्स दिल्ली को जानकारी देनी होगी। पहला अस्पताल दिल्ली सरकार का इंदिरा गांधी अस्पताल द्वारका और दूसरा अस्पताल एनडीएमसी के जरिए संचालित चरक पालिका है। इसे अगले महीने से प्रयोग के तौर पर शुरू किया जाएगा। इस संबंध में दिल्ली के एलजी वी के सक्सेना ने फैसला लिया। इसका मकसद है कि दूसरे सरकारी अस्पतालों से एम्स रेफर किए जाने वाले मामले में पारदर्शिता लाई जाए। इसका मकसद यह है कि सरकारी अस्पतालों में जो बेड खाली रह जाते हैं उनका अधिकतम उपयोग किया जा सके। इसके पीछे दूसरा मकसद यह भी है कि एम्स में ऐसे मरीज जो क्रिटिकल लेकिन हालत स्थिर है उन्हें इन अस्पतालों में भेजा जा सके। इस फैसले से एम्स दिल्ली पर जो दबाव पड़ रहा है उसे कम करने में मदद मिलेगी।

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दिल्ली एम्स पर बोझ होगा कम

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