दिल्ली-एनसीआर में साइबर ठगों का मकड़ा जाल, होटलों को बनाया अपना अड्डा, 3 आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली-एनसीआर में ठगी की वारदात को अंजाम देने के लिए साइबर ठगों ने होटलों को अपना अड्डा बना रखा है। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और गिरोह के अन्य लोगों को गिरफ्तार करने के होटलों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

Delhi News: दिल्ली-एनसीआर में साइबर ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ठग डिजिटल माध्यमों से लोगों के साथ ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। डिजिटल अरेस्ट में परिवार को लेकर डराने और विभिन्न मामलों में फंसाने की धमकी देकर लोगों के बैंक अकाउंट के पैसे ट्रांसफर करवाया जाता है। इस बीच दिल्ली-एनसीआर में साइबर ठगों का एक नया गिरोह सक्रिय हुआ है, जो मुख्य तौर पर बुजुर्गों को डिजिटल अरेस्ट का निशाना बना रहा है। हैरान कर देने वाली बात ये है कि ठगों ने होटलों को अपना ठिकाना बना रखा है। पुलिस इन होटलों का पता लगाने की कोशिश कर रही है, लेकिन अभी तक कोई खास जानकारी नहीं जुटा पाई है। इस मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।

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साइबर ठगों ने होटलों को बनाया अपना अड्डा

दिल्ली-एनसीआर में साइबर ठगों का गिरोह सक्रिय

दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हुआ ठगों के नए गिरोह ने हाल ही में 71 वर्षीय महेंद्र जैन नाम के एक बुजुर्ग को अपना शिकार बनाया है। पुलिस ने बताया कि महेंद्र जैन से करोल बाग के होटल ग्रैंड सेंट्रल में 25 लाख रुपये की ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए, ठगी की वारदात को अंजाम देने वाले 3 युवकों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान राहुल वर्मा, शांतनु रिचोरिया और अर्जुन सिंह के रूप में हुई है। पुलिस न बताया कि ये सभी छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के निवासी हैं।

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