Delhi AQI Update: दिल्ली में बार-बार ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच रही वायु गुणवत्ता को देखते हुए दिल्ली सरकार ने प्रदूषण पर सख्त रुख अपनाया है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शनिवार को ऐलान किया कि GRAP-4 के तहत लागू किए गए दो प्रमुख प्रतिबंधों को अब स्थायी रूप से लागू किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य राजधानी को बार-बार खतरनाक प्रदूषण स्तर में जाने से रोकना है। तो पहले जान लेते हैं आज के AQI का हाल।
ग्रैप 4 के दो नियम अब सरकार ने किए परमानेंट (AI Image)
दिल्ली की हवा फिर गंभीर, कई इलाकों में AQI 400 पार
रविवार को दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 391 दर्ज किया गया, जो ‘सीवियर’ श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार आनंद विहार में AQI 445, शादिपुर 445, नेहरू नगर 433, पटपड़गंज 425 और मुंडका 413 दर्ज किया गया। घना कोहरा और स्मॉग प्रदूषकों को वातावरण में फंसा रहे हैं, जिससे दृश्यता कम होने के साथ-साथ लोगों की सेहत पर भी असर पड़ रहा है।
GRAP-4 के कौन से नियम हुए परमानेंट
पर्यावरण मंत्री ने बताया कि अब अगली सूचना तक दिल्ली में ये दो नियम लगातार लागू रहेंगे। पहला नियम ‘No PUC, No Fuel’ से जुड़ा है, जिसके तहत वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUC) के बिना किसी भी वाहन को पेट्रोल या डीजल नहीं मिलेगा। सभी पेट्रोल पंपों को इस नियम का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरा नियम BS-6 मानकों से जुड़ा है, जिसके अनुसार दिल्ली में बाहर से आने वाले केवल BS-6 उत्सर्जन मानक वाले वाहन ही प्रवेश कर सकेंगे। पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर रोक रहेगी। मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि ये फैसले अस्थायी नहीं बल्कि लंबी अवधि के लिए लिए गए हैं, ताकि प्रदूषण को स्रोत पर ही रोका जा सके। सरकार चाहती है कि दिल्ली में वाहन प्रदूषण को लेकर अनुशासन कायम हो और लोग नियमों का पालन करें। पर्यावरण मंत्री ने बताया कि मौसम की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। पश्चिमी विक्षोभ, ठंड, शांत हवाएं और कोहरा प्रदूषण को और गंभीर बना सकते हैं। सरकार का प्रयास है कि दिल्लीवासियों को बार-बार ऐसे हालात का सामना न करना पड़े।
प्रदूषण से निपटने के लिए अन्य बड़े फैसले
इससे पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली कैबिनेट ने पर्यावरण सुधार से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी थी। दिल्ली के जलस्रोतों के पुनर्जीवन के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। राजधानी में करीब 1,000 जल निकाय हैं, जिनमें से 160 दिल्ली सरकार के अधीन आते हैं। इसके अलावा होलंबी कलां में दिल्ली का पहला ई-वेस्ट पार्क स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। 11.5 एकड़ में फैला यह पार्क जीरो-वेस्ट और जीरो-पॉल्यूशन मॉडल पर काम करेगा।
