दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे के आम जनता के लिए खुलने का सभी को बड़ी बेसब्री से इंतजार है। आप भी इसके खुलने के इंतजार में हैं, ताकि तीन घंटे में आप भी दिल्ली से मसूरी की वादियों तक पहुंच जाएं। यही कारण है कि आप अक्सर delhi-dehradun expressway Opening Date, delhi-dehradun expressway Distance, delhi-dehradun expressway Latest Update, delhi-dehradun expressway Route Map जैसे प्रश्न पूछते हैं। आपकी जिज्ञासा को हम अपनी इस खबर से पूरी तरह शांत करने की कोशिश करेंगे। तो देर किस बात की, चलिए जानते हैं दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की लेटेस्ट अपडेट के बारे में।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की ओपनिंग डेट नजदीक, ताजा अपडेट
Delhi-dehradun expressway Latest Update
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लेटेस्ट अपडेट यही है कि इसके फाइनल स्टेज का काम तेजी से चल रहा है। फाइनल स्टेज में कुछ ब्यूटिफिकेशन और मार्किंग आदि का काम ही बचा है, जो पूरा होने वाला है। यानी इस एक्सप्रेसवे को खोलने की अंतिम तैयारियां भी अपने अंतिम दौर में हैं। यानी अब आपको इस एक्सप्रेसवे पर फर्राटा मारने के लिए ज्यादा दिन इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
कब खुलेगा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे?
यह एक्सप्रेसवे की ओपनिंग को लेकर भी आप अक्सर गूगल पर (delhi-dehradun expressway Opening Date) खोजते रहते हैं। दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे की ओपनिंग को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और उम्मीद की जा रही है कि फरवरी पहले हफ्ते के बाद इसे कभी भी आम जनता के लिए खोला जा सकता है।
दिल्ली से देहरादून की दूरी कितनी है?
दिल्ली से देहरादून के बीच बन रही इस परियोजना की कुल लंबाई (dehradun expressway Distance) 210 किमी है। इससे दोनों शहरों के बीच की कुल दूरी 251 किमी से कम होकर 210 किमी रह जाएगी और मौजूदा समय में जो अभी सफर में 5-6 घंटे का समय लगता है, वह कम होकर ढाई घंटे रह जाएगा।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे रूट मैप
गूगल पर एक प्रश्न दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के रूट मैप को लेकर भी होता है। लोग एक्सप्रेसवे का रूट मैप देखना चाहते हैं, जो पूर्वी दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर के पास से शुरू होकर बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर होते हुए देहरादून तक जाता है। दिल्ली में 6 लेन के इस एक्सप्रेसवे का ज्यादातर हिस्सा एलिवेटेड है, जो गीता कॉलोनी से शुरू होता है।
ये भी पढ़ें - इन लोगों को नहीं देना पड़ता हाईवे और एक्सप्रेसवे पर टोल
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कितने रुपये खर्च हुए
इस महत्वपूर्ण रोड प्रोजेक्ट को लगभग 11 हजार, 970 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे को NHAI बना रहा है, जिसके कई चरणों में बनाया जा रहा है और अलग-अलग कंस्ट्रक्शन कंपनियों को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक्सप्रेसवे पर ट्रायल रन भी सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। ट्रायल रन के दौरान किसी तरह की कोई समस्या नजर नहीं आयी। एक्सप्रेसवे के कई हिस्सों को आम जनता के लिए खोल दिया गया है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का पहला टोल प्लाजा
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर पहला टोल प्लाजा लोनी में बनाया गया है, जो दिल्ली से 17 किमी दूर है। टोल प्लाजा पर एंबुलेंस सेवा के साथ ही हाईवे पेट्रोल यूनिट भी मौजूद रहेगी। आपात स्थिति में हाईवे हेल्पलाइन नंबर 1033 पर कॉल करके आप मदद मांग सकते हैं।
इस्टर्न पेरिफरल एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी
NHAI के अनुसार अक्षरधाम से जब आप इस एक्सप्रेसवे पर चढ़ेंगे तो ढाई घंटे में देहरादून पहुंच सकते हैं। लेकिन दिल्ली से 31 किमी की दूरी तय करने पर यह एक्सप्रेसवे ईस्टर्न पेरिफरल एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होता है। यहां पर इंटरचेंज बनाया गया है। बागपत के बाद दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का ग्रीनफील्ड कॉरिडोर शुरू होता है।
इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) के लिए चार्जिंग की सुविधा
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए चार्जिंग की सुविधा भी होगी। एक्सप्रेसवे पर हर 30 किमी की दूरी पर ईवी चार्जिंग, फूड आउटलेट और रेस्ट एरिया बनाए जा रहे हैं। एग्जिट लूप पर सुरक्षा बढ़ाने और एनवायरमेंटल सस्टेनेब्लिटी बढ़ाने के लिए मियावाकी प्लांटेशन तकनीक को अपनाया गया है।
एक्सप्रेसवे पर जंगली जानवरों का विशेष ध्यान रखा गया
सहारनपुर के बाद उत्तराखंड में एंट्री करते ही एक बार फिर एक्सप्रेसवे का एलिवेटेड हिस्सा शुरू होता है। यहां से शिवालिक पहाड़ियों का नजारा दिखने लगता है और घना जंगल भी नजर आता है। यहां एक्सप्रेसवे शिवालिक और राजाजी नेशनल पार्क के ईको-सेंसिटिव जोन से गुजरता है। जंगली जानवरों को एक ओर से दूसरी ओर आने-जाने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए यहां डेडिकेटिड एनिमल कॉरिडोर बनाया गया है। एलिवेटेड रोड सेक्शन पर साउंड बेरियर और प्लास्टिक नॉइस शील्ड लगाई गई हैं। वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की मदद से यहां पर ऐसी लाइट लगाई गई हैं, जिससे जानवरों को रात में ज्यादा दिक्कत न हो। हाथियों की आवाजाही के लिए स्पेशल एलिवेटेड पैसेज भी बनाया गया है।
इस रूट पर 300 मीटर की टनल भी बनाई गई है, जिसकी दीवारों पर आर्टवर्क के जरिए उत्तराखंड की संस्कृति को उकेरा गया है। इस टनल से निकलने के कुछ ही मिनटों बाद आप देहरादून में होंगे। आपकी यह पूरी यात्रा लगभग ढाई घंटे में पूरी हो जाएगी।
FAQs
दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे कब खुलेगा?
दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे के अंतिम चरण का काम लगभग पूरा हो चुका है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसके फरवरी 2026 के पहले सप्ताह के बाद आम जनता के लिए खोले जाने की संभावना है।
दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे से यात्रा में कितना समय लगेगा?
क्सप्रेसवे शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून का सफर लगभग ढाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा, जबकि अभी यही यात्रा 5–6 घंटे तक लेती है।
दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई कितनी है?
इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 210 किलोमीटर है। इसके चालू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी पहले के मुकाबले काफी कम हो जाएगी।
दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे किन शहरों से होकर गुजरता है?
यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम क्षेत्र से शुरू होकर बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर होते हुए देहरादून तक जाता है।
क्या एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा और सुविधाएं होंगी?
हां, एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा बनाए गए हैं। इसके साथ ही एंबुलेंस सेवा, हाईवे पेट्रोलिंग, इमरजेंसी हेल्पलाइन और ईवी चार्जिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी।
क्या एक्सप्रेसवे पर्यावरण और वन्यजीवों के लिए सुरक्षित है?
एक्सप्रेसवे को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वन्यजीवों की आवाजाही प्रभावित न हो। इसके लिए एलिवेटेड रोड, डेडिकेटेड एनिमल कॉरिडोर, साउंड बैरियर और विशेष लाइटिंग का इस्तेमाल किया गया है।
