दिल्ली में चीनी मांझे से बच्चे समेत दो लोग घायल, अब तक 3500 से ज्यादा चरखियां जब्त; जानलेवा डोर का खतरा फिर भी बरकरार

दिल्ली में प्रतिबंध के बावजूद चीनी मांझे का खतरा लगातार बना हुआ है, खासकर स्वतंत्रता दिवस से पहले बढ़ती पतंगबाजी के बीच पुलिस की चिंता बढ़ गई है। अगस्त में अब तक इस घातक डोर की चपेट में आने से एक बच्चे समेत कम से कम दो लोगों के घायल होने की घटनाएं सामने आई हैं।

Delhi News: दिल्ली में चीनी मांझे पर लगी रोक और पुलिस की सख्ती के बावजूद नायलॉन से बने इस मांझे की बिक्री पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया है और इस प्रतिबंधित डोर की चपेट में आने से सिर्फ अगस्त महीने में अब तक एक बच्चे समेत कम से कम दो लोग घायल हो चुके हैं। दिल्ली पुलिस ने 15 अगस्त को दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में होने वाली पतंगबाजी से पहले, प्रतिबंधित चीनी मांझे की अवैध बिक्री के खिलाफ अभियान चलाया है। राष्ट्रीय राजधानी में अलग-अलग कार्रवाइयों में पुलिस ने चीनी मांझे की 3500 से अधिक चरखियां जब्त की हैं और वह स्थानीय स्तर पर दुकानदारों तथा लोगों को जागरूक भी कर रही है। पुलिस लोगों को यह जानकारी भी दे रही है कि चीनी मांझे से पतंग उड़ाना या इस मांझे को बेचना, रखना और खरीदना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

Delhi Chinese Manjha Ban

दिल्ली में चीनी मांझे का खौफ

चीनी मांझे का इस्तेमाल दंडनीय अपराध

अधिकारियों ने कहा कि पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत चीनी मांझे का इस्तेमाल करना एक दंडनीय अपराध है और इसका उल्लंघन करने वालों को पांच साल तक की कैद, एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया जाता है। राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बड़े पैमाने पर पतंगबाजी की जाती है। इसके मद्देनजर कई इलाकों में पतंग बाजार लगते हैं, जिनमें पुरानी दिल्ली के काला कुआं और जाफराबाद के पतंग बाजार मशहूर हैं। चीनी मांझे के खिलाफ पुलिस की अपीलों का जमीनी स्तर पर असर होता नहीं दिख रहा।

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