Delhi Building Collapse: दिल्ली पुलिस ने बुधवार को सत्य निकेतन हादसा मामले में गिरफ्तार किए गए दुर्घटनाग्रस्त हुई पांच मंजिला इमारत के मालिक के बेटे, पीजी संचालक और ठेकेदार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। इस दौरान, कोर्ट ने तीनों को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
सत्य निकेतन हादसे में सात लोगों की मौत (फाइल फोटो)
सात छात्रों की दर्दनाक मौत
सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इस इमारत में 'हॉस्टल डेज' नामक पीजी चल रहा है, जो एक प्राइवेज पीजी था, जहां पर छात्र रह रहे थे। जिस वक्त हादसा हुआ इमारत के अंदर छात्र मौजूद थे। इस हादसे में सात छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है, जो एम्स के ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू वार्ड में भर्ती है और अन्य घायल छात्रों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
कासगंज से ठेकेदार गिरफ्तार
सत्य निकेतन हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की नींद उड़ी हुई है। पुलिस ने ठेकेदार सनोज कुमार को उत्तर प्रदेश के कासगंज से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान सनोज ने बताया कि करीब 10 दिन पहले महेश गुप्ता ने उसे इमारत में मरम्मत का काम दिया था। ऐसे में बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के बराबर करने के लिए लगभग 3 ट्रक मलब वहां डाला गया था।
ग्राउंड फ्लोर पर बना रहे थे दुकान
ठेकेदार सनोज ने बताया कि बेसमेंट में चल रहे काम के लिए 2800 रुपये प्रतिदिन मिल रहे थे। चौंका देने वाली बात तो यह है कि हादसे वाले दिन ग्राउंड फ्लोर पर दुकान के लिए जगह बनाने के मकसद से एक दीवार हटाई गई थी। पुलिस के मुताबिक, दीवार हटने और पहले से पड़े मलबे के चलते इमारत भार नहीं सह सकी और अचानक ढह गई।
पुलिस ने पीजी संचालक शुधांशु लवनीश को भी गिरफ्तार किया है। शुधांशु ने 2019 में दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया था। साल 2022 से वह दोस्त शुभम त्यागी के साथ सत्य निकेतन में 'हॉस्टल डेज' नामक पीजी संचालित करता था। मौजूदा समय में वह इलाके में सात पीजी संचालित करता था।
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हादसे वाली इमारत की चार मंजिलें अगस्त 2025 में 1.05 लाख रुपये मासिक किराए पर ली गई थीं। पुलिस के मुताबिक, इमारत की जर्जर हालत की जानकारी होने के बावजूद शुधांशु ने निर्माण कार्य से होने वाले संभावित खतरे को नजरअंदाज किया।
पुलिस हिरासत में भेजे गए आरोपी
इस मामले में पहले गिरफ्तार महेश गुप्ता, मजदूर ठेकेदार सनोज कुमार और पीजी संचालक शुधांशु लवनीश तीनों को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया। पुलिस मामले में निर्माण कार्य, बिल्डिंग की हालत और हादसे की पूरी वजह की जांच कर रही है। आगे की जांच जारी है।
बंद कमरे में हुई कार्यवाही
न्यायिक मजिस्ट्रेट कौतुक भारद्वाज ने भवन मालिक के बेटे महेश गुप्ता, पीजी संचालक सुधांशु और ठेकेदार सनोज को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा। महेश गुप्ता को उनकी दो दिन की पुलिस हिरासत पूरी होने के बाद अदालत में पेश किया गया। सुधांशु के वकील ने दावा किया कि 'मीडिया ट्रायल' के कारण जांच प्रभावित हो रही है, जिसके बाद कार्यवाही बंद कमरे में हुई। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मीडियाकर्मियों को अदालत कक्ष से बाहर जाने का निर्देश दिया।
