Delhi Assembly Republic Day Celebrations: दिल्ली विधानसभा ने रविवार को आम लोगों के लिए अपने दरवाजे खोलते हुए 77वें गणतंत्र दिवस के आयोजनों की शुरुआत की। इस अवसर पर 115 वर्ष पुराने ऐतिहासिक विधानसभा भवन को आकर्षक रोशनी से सजाया गया और दो दिनों तक चलने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों व बैंड प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया।
77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली विधानसभा के दरवाजे जनता के लिए खुले (फोटो: PTI)
समारोह के पहले दिन दिल्ली पुलिस बैंड ने देशभक्ति से ओतप्रोत धुनें पेश कीं, वहीं साहित्य कला अकादमी की ओर से रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखने को मिलीं। अधिकारियों के अनुसार, विधानसभा भवन को विशेष रूप से तिरंगे की रोशनी से सजाया गया है, जिससे पूरे परिसर में उत्सव और राष्ट्रभक्ति का वातावरण बना हुआ है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर विधानसभा परिसर में प्रवेश के लिए किसी पूर्व पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, आगंतुकों को वैध पहचान पत्र दिखाने के बाद सुरक्षा जांच से गुजरना अनिवार्य होगा।
इस टाइम पर कर सकते हैं भ्रमण
नागरिक शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक ऐतिहासिक भवन का भ्रमण कर सकेंगे और परिसर के भीतर मौजूद प्रमुख विरासत स्थलों को देख पाएंगे। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने दिल्लीवासियों से इस ऐतिहासिक भवन का दौरा करने और देशभक्ति की भावना के साथ गणतंत्र दिवस मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस भारत की संविधानिक यात्रा और लोकतांत्रिक मूल्यों की याद दिलाता है। विधानसभा का भ्रमण नागरिकों को देश की विरासत और आदर्शों से गहराई से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है।
दो दिवसीय आयोजन की खासियत
दिल्ली विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि यह दो दिवसीय आयोजन नागरिकों को गणतंत्र दिवस समारोह को नजदीक से देखने, विधानसभा भवन की स्थापत्य भव्यता को समझने और दिल्ली व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लोकतांत्रिक शासन में इसकी भूमिका के बारे में जानने का अवसर देगा। गौरतलब है कि भाजपा के नेतृत्व वाली नई दिल्ली सरकार के कार्यकाल में यह पहला गणतंत्र दिवस समारोह है। रविवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छत्रसाल स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस कार्यक्रम का नेतृत्व किया। अपने पहले संबोधन में उन्होंने विकसित दिल्ली के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने का संकल्प दोहराया।
(इनपुट - आईएएनएस)
