AI Protest: दिल्ली के भारत मंडपम में प्रदर्शन करने वाले युवा कांग्रेस के सदस्यों को पुलिस ने शनिवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि वैश्विक नेताओं एवं जानी-मानी हस्तियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ और देश विरोधी नारे लगाए गए। प्रदर्शन के दौरान तीन पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने कोर्ट से कहा कि प्रदर्शनकारियों के अन्य साथियों को पकड़ने के लिए आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच करने की जरूरत है। यह पता करना जरूरी है कि क्या उन्हें कहीं से फंडिंग मिली क्योंकि चार लोग अलग-अलग जगहों से आए और टी-शर्ट प्रिंट कराया। पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की योजना देश में नेपाल की तरह बवाल करानी की थी।
युवा कांग्रेस के सदस्यों ने किया एआई समिट में प्रदर्शन।
पुलिस ने कोर्ट से आरोपियों की 5 दिन की रिमांड मांगी। वहीं, आरोपियों के वकील ने कोर्ट से कहा कि आरोपी एक राजनीतिक दल से संबंध रखते हैं। इन्होंने अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करते हुए भारत मंडपम में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। कोई हिंसा नहीं हुई। लेकिन इन पर जिस तरह के आरोप लगाए गए हैं, उनसे सात वर्ष की सजा हो सकती है।
इन चार आरोपियों की हुई पहचान
आरोपियों के वकील ने कहा कि राजनीतिक वजहों से इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। वकील ने कहा कि आरोपी शिक्षित हैं और उनके पास डिग्रियां हैं। गिरफ्तार चार लोगों की पहचान कृष्णा हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार और नरसिम्हा यादव के रूप में हुई है।
लगभग 10 कार्यकर्ता भारत मंडपम के भीतर घुस गए
शुक्रवार को इंडिया AI समिट के दौरान उस समय सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए, जब युवा कांग्रेस के लगभग 10 कार्यकर्ता भारत मंडपम के भीतर घुस गए। इन प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीरों वाली सफेद टी-शर्ट पहन रखी थी, जिस पर 'इंडिया-यूएस ट्रेड डील' और 'पीएम इज कॉम्प्रोमाइज्ड' जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अचानक अपनी शर्ट उतार दी और प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे वहां मौजूद अतिथियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
दिल्ली में कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोला
इस घटना के विरोध में शनिवार को भाजपा युवा मोर्चा ने दिल्ली में कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। भाजपा नेताओं ने इस प्रदर्शन को 'टॉपलेस, ब्रेनलेस और शेमलेस' (अर्धनग्न, बुद्धिहीन और निर्लज्ज) करार दिया। भाजपा का आरोप है कि इस पूरे हंगामे की साजिश राहुल गांधी के आवास पर रची गई थी ताकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को धूमिल किया जा सके। भाजपा ने इसे देश के बढ़ते सम्मान पर चोट बताया है।
