Delhi News: दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र में दिनदहाड़े कथित तौर पर गन प्वाइंट पर 5 लाख रुपये की लूट की सूचना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। हालांकि, मामले की तेजी से जांच करते हुए पुलिस ने महज तीन घंटे के अंदर पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया। जांच में पता चला कि यह कोई वास्तविक लूट नहीं थी, बल्कि शिकायतकर्ता ने अपने मालिक की रकम हड़पने के लक्ष्य से पूरी कहानी गढ़ी थी। पुलिस ने न सिर्फ झूठे दावे का पर्दाफाश किया, बल्कि छिपाकर रखी गई पूरी राशि भी बरामद कर ली।
कार के अंदर मिले पांच लाख रुपये
कैसे हुआ जांचकर्ताओं का शक और भी गहरा?
रोहिणी के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) शशांक जयसवाल के अनुसार, 10 जुलाई की शाम करीब चार बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि कुछ बदमाश एक कार में आए और हथियार के बल पर 5 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की कई टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और मामले की जांच शुरू कर दी गई। प्रारंभिक जांच के दौरान शिकायतकर्ता से विस्तार से पूछताछ की गई, लेकिन उसके बयान लगातार बदलते रहे। कभी उसने आरोपियों के आने का तरीका अलग बताया तो कभी घटना का क्रम बदल दिया। पुलिस ने आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन शिकायतकर्ता द्वारा बताए गए समय और स्थान पर संदिग्ध कार या कथित आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला। इससे जांच अधिकारियों का शक और गहरा हो गया।
कहां से बरामद हुए 5 लाख रुपये?
इसके बाद पुलिस ने शिकायतकर्ता की कार की गहन तलाशी लेने का फैसला लिया। जांच के दौरान कार के बोनट और बैटरी के नीचे बने एक छिपे हुए हिस्से में कपड़े में लपेटकर रखे गए पूरे 5 लाख रुपये बरामद कर लिए गए। रकम मिलने के बाद शिकायतकर्ता पुलिस के सामने ज्यादा देर तक अपनी कहानी पर कायम नहीं रह सका और उसने पूरी साजिश कबूल कर ली। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह लंबे समय से अपने मालिक के यहां कार्यरत था। उसने मालिक की रकम अपने पास रखने की नीयत से फर्जी लूट की कहानी बनाई थी, ताकि किसी को उस पर संदेह न हो और वह आसानी से पैसे हड़प सके। हालांकि, पुलिस की सतर्कता, तकनीकी जांच और त्वरित कार्रवाई के चलते उसकी योजना नाकाम हो गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
