Dehradoon News: देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले सप्ताह आयी आपदा के कारण जल स्रोतों और उससे संयोजित पाइप लाइनों के क्षतिग्रस्त होने से सवा दो लाख से ज्यादा की आबादी प्रभावित हुई है। हालांकि, अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि आपदा ग्रस्त स्रोतों और पेयजल लाइनों की अस्थाई मरम्मत करते हुए 20 सितंबर तक प्रभावित क्षेत्रों में आंशिक रूप से जलापूर्ति सुनिश्चित कर दी गयी है लेकिन उन्हें पूरी तरह ठीक किए जाने तक दिन में केवल एक ही समय पेयजल की आपूर्ति की जाएगी।
सांकेतिक फोटो (istock)
पिछले सप्ताह आई आपदा से पाइप लाइनों को नुकसान
अधिकारियों ने बताया कि 15-16 सितंबर को देहरादून में अनेक जगह बादल फटने, अतिवृष्टि, बाढ़ आने और भूस्खलन से व्यापक तबाही हुई। जिसमें करीब आधा दर्जन पेयजल स्रोत—बीजापुर हेड, बांदल हेड, केसरवाला हेड, पुरकुल हेड, शहंशाही हेड/ शिखर फॉल हेड और उनसे संयोजित पाइप लाइनों को नुकसान पहुंचा । उन्होंने बताया कि इससे पेयजल आपूर्ति बाधित हो गयी और देहरादून के 40 से अधिक क्षेत्रों में दो लाख 35 हजार की आबादी प्रभावित हुई है ।
न्यूज एजेंसी भाषा के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि आपदा के बाद 20 सितंबर तक इन आपदाग्रस्त स्रोतों एवं पाइप लाइनों की अस्थाई मरम्मत करते हुए आंशिक रूप से जलापूर्ति सुनिश्चित कर दी गयी है । हांलांकि, उन्होंने कहा कि इन स्रोतों और पेयजल लाइनों के स्थाई रूप से पुनर्स्थापना कार्य पूरा होने तक इनसे आच्छादित क्षेत्रों में एक ही समय यानि सुबह अथवा शाम को ही पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। अधिकारियों ने इस दौरान लोगों से पेयजल में मितव्ययता बरतने और समुचित जलापूर्ति होने तक संयम रखने का अनुरोध भी किया है ।
देहरादून में पिछले सप्ताह सहस्र्धारा, शिखर फॉल, झड़ीपानी, मालदेवता सहित नौ अलग-अलग जगह आई आपदा में कुल 31 व्यक्तियों की मृत्यु हो गयी, जबकि तीन अभी भी लापता हैं । इन घटनाओं में चार लोग घायल भी हुए थे । इसके अलावा, मकानों, सड़कों, पुलों आदि संरचनाओं को भी व्यापक नुकसान पहुंचा था ।
(इनपुट - भाषा)
