Banke Bihari Temple: वृंदावन में ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में कई बड़े बदलाव होने वाले है। दीपावली के बाद मंदिर में भोग से लेकर दर्शन के समय समेत और कई बदलाव किए जाएंगे। मंदिर की साज सजावट में भी अब फूलों का इस्तेमाल नहीं होगा और न ही फूलों से बांके बिहारी का श्रृंगार किया जाएगा। ये सभी बदलाव शरद ऋतु के अनुसार किए जा रहे है ताकि ठाकुरजी का सर्दी से बचाव किया जा सके। मंदिर के दर्शन के समय में बदलाव भाई दूज से किया जाएगा। इस बदलाव के बाद मंदिर के पट सुबह एक घंटे की देरी से खुलेंगे और रात को एक घंटे पहले ही बंद हो जाएंगे। होली तक दर्शन की यही समय सारिणी रहेगी।
दिवाली के बाद बदलेगा मंदिर का दर्शन समय (फोटो साभार - ट्विटर)
भोग में चढेंगे केसरयुक्त दूध,खीर
नवंबर आने के साथ ही शरद ऋतु का आगमन हो गया। ऐसे में बांके बिहारी को ठंड से बचाने के लिए दीपावली के बाद मंदिर में कई बदलाव हो जाएंगे। दिवाली के बाद ठाकुर जी की पोशाक भी बदल दी जाएगी। उन्हें हल्के गर्म कपड़े की पोशाक धारण कराई जाएगी। ठाकुरजी के भोग में भी दही और ठंडी चीजों का परहेज रहेगा। उन्हें भोग में केसरयुक्त दूध और खीर दी जाएगी, साथ ही सूखे मेवे में भी बढ़ोतरी की जाएगी। ठाकुरजी को फलों से भी दूर रखा जाएगा।
फूलों से नहीं होगी सजावट
दीपावली के बाद ठाकुर जी के मंदिर की सजावट में फूलों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। सर्दी के मौसम में ठाकुरजी को फूलों के पानी के प्रभाव से बचाने के लिए फूलों की सजावट नहीं की जाएगी। इसकी जगह मंदिर को कपड़ों और गुब्बारों से सजाया जाएगा। ठाकुरजी फूलों की माला भी नहीं पहनाई जाएगी। इसकी जगह उन्हें मोतियों के हार पहनाए जाएंगे।
मंदिर में दर्शन का समय
भाई दूज से ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के दर्शन के समय में भी बड़ा बदलाव होगा। मंदिर के पट सुबह 7:45 की जगह अब 8:45 बजे खुलेंगे। दोपहर के समय मंदिर के पट 12 बजे के बजाय अब 1 बजे तक खुले रहेंगे। शाम को दर्शन के लिए मंदिर 5:30 की जगह अब 4:30 बजे ही खुल जाएगा। रात को शयन भोग आरती के बाद 8:30 बजे मंदिर के पट बंद हो जाएंगे।
