बंगाल की खाड़ी में चक्रवात की आशंका, दक्षिण भारत में बारिश की चेतावनी; जानें चेन्नई-तमिलनाडु में कैसा होगा असर

बंगाल की खाड़ी में नए चक्रवात के बनने की संभावना तेज हो गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, सुमात्रा के पास बनने वाला निम्न दबाव क्षेत्र (LPA) चक्रवात की दिशा और ताकत तय करेगा। नवंबर के अंतिम दिनों में बनने वाले सिस्टम बेहद संवेदनशील होते हैं और छोटे बदलाव भी इसके रास्ते को प्रभावित कर सकते हैं। लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है।

Cyclone Effect on Chennai: बंगाल की खाड़ी में एक नए चक्रवात के बनने की संभावना तेज हो गई है। मौसम ब्लॉग चेन्नई रेंस (Chennai Rains) के अनुसार, इस समय बनने वाला निम्न दबाव का क्षेत्र (LPA) चक्रवात की दिशा और तीव्रता तय करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नवंबर के अंतिम दिनों में बनने वाले सिस्टम बेहद संवेदनशील होते हैं, और इनके 'जेनिसिस पॉइंट' यानी उत्पत्ति स्थल में थोड़ा-सा बदलाव भी चक्रवात के रास्ते को सैकड़ों किलोमीटर तक बदल सकता है।

bay of bengal cyclone on chennai

चेन्नई में कैसा दिखेगा तूफान का असर (सांकेतिक तस्वीर)

कैसे तय होगा चक्रवात का रास्ता

मौसम विशेषज्ञ बताते हैं कि सुमात्रा के पास लगभग 200 किलोमीटर लंबा समुद्री क्षेत्र दो अलग-अलग अनुकूल मौसम क्षेत्रों के बीच स्थित है, और यही हिस्सा चक्रवात की दिशा को प्रभावित करता है। अगर LPA 90 डिग्री E के पश्चिम में बनता है, तो अधिकांश चक्रवात 15 डिग्री N से ऊपर नहीं चढ़ते और सीधे तमिलनाडु की ओर बढ़ते हैं। वहीं 92°E के पूर्व में बनने वाले सिस्टम भी तमिलनाडु पर असर डाल सकते हैं, बशर्ते वे करीब 10°N अक्षांश के आसपास विकसित हों। 90°E और 92°E के बीच बनने वाले सिस्टम के बारे में मौसम विशेषज्ञ 50:50 की स्थिति बताते हैं। इसके अलावा, मलक्का जलडमरूमध्य के पास बनने वाला LPA अक्सर पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ता है और तमिलनाडु में असर डालने की आशंका बढ़ाता है। इसी संवेदनशीलता के कारण हर छोटा बदलाव, यहां तक कि आधे डिग्री का भी, मॉडल के अनुमान को प्रभावित करता है। यही वजह है कि अलग-अलग मॉडल बार-बार दिशा बदलते हुए दिखते हैं।

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