Rajasthan urban local body election Results: राजस्थान में 309 नगरीय निकायों के पार्षदों के पदों के लिए सोमवार सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मतगणना केंद्रों के अंदर और बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। राज्य में 2028 में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से पहले इन निकाय चुनावों को राज्य की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टीऔर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 252 नगर पालिकाओं के नतीजे आ रहे हैं। जानिए अपडेट-
राजस्थान स्थानीय निकाय चुनाव नतीजे आज आ रहे हैं
- 47 नगर परिषद में से 28 के आए रुझान
- 15 में भाजपा 13 में कांग्रेस आगे
- 252 में से 234 नगर पालिका के आए रुझान
- 119 में बीजेपी 100 में कांग्रेस 15 में अन्य आगे
- अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों में से 77 के आए रुझान
- 37 में भाजपा 31 में कांग्रेस 9 में अन्य आगे
- भरतपुर नगर निगम के 65 में से 31 के आए रुझान
- भाजपा 17 कांग्रेस 13 और अन्य की एक में बढ़त
- जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में से 105 के आए रुझान - भाजपा 59 कांग्रेस 38 अन्य 8 पर आगे
- उदयपुर नगर निगम के 80 वार्डों में से 60 के आए रुझान - भाजपा 25 कांग्रेस 25 पर आगे
- जोधपुर नगर निगम के 100 वार्ड में से 95 के आए रुझान - 56 में भाजपा 32 में कांग्रेस और 7 में अन्य आगे
10,245 पार्षद सीटों का फैसला
इस चुनाव के तहत 10 नगर निगमों, 51 नगर परिषदों और 248 नगर पालिकाओं समेत कुल 309 निकायों में 10,245 पार्षद चुने जाएंगे।
1.44 करोड़ से अधिक मतदाता: इन निकाय चुनावों में राज्य के लगभग 1.44 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अधिकार था।
दो चरणों में हुआ था मतदान
- पहला चरण (9 सितंबर): 162 नगरीय निकायों के लिए वोट डाले गए थे, जिसमें 76.42 प्रतिशत बंपर मतदान दर्ज किया गया था।
- दूसरा चरण (11 सितंबर): शेष 147 निकायों में मतदान हुआ, जिसमें 70.68 प्रतिशत वोट पड़े।
जयपुर नगर निगम सबसे बड़ा मुकाबला
इस चुनाव प्रचार में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित प्रमुख नेताओं ने अपनी-अपनी पार्टियों के प्रत्याशियों के लिए जमकर प्रचार किया था। राज्य के सबसे बड़े निकाय जयपुर नगर निगम में कुल 150 वार्डों के लिए मतों की गिनती की जा रही है, जहां 24 लाख से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं।
मेयर और अध्यक्षों का चुनाव
- पार्षदों के परिणाम घोषित होने के बाद निकायों के गठन की अगली प्रक्रिया शुरू होगी।
- 21 सितंबर: निकायों के प्रमुखों (महापौर/मेयर और अध्यक्ष) का चुनाव होगा।
- 22 सितंबर: उप-महापौर (डेप्युटी मेयर) और उपाध्यक्ष पदों के लिए मतदान कराया जाएगा।
2023 विधानसभा चुनाव के बाद का राजनीतिक मिजाज
दिसंबर 2023 में राजस्थान विधानसभा चुनाव जीतकर भाजपा ने राज्य में अपनी सरकार बनाई थी और भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री चुना गया था। विधानसभा चुनाव के लगभग तीन साल बाद आयोजित ये निकाय चुनाव राज्य के शहरी इलाकों के सियासी मूड को समझने का पहला बड़ा पैमाना साबित होंगे।
भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए साख का सवाल
भाजपा के लिए: सत्ता में होने के कारण भाजपा के लिए यह चुनाव अपनी शहरी साख और संगठन की पकड़ बनाए रखने की चुनौती है। पार्टी सभी 10 नगर निगमों और प्रमुख नगर परिषदों में अपना बोर्ड बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कांग्रेस के लिए मौका
2023 में सत्ता गंवाने के बाद कांग्रेस के लिए यह चुनाव वापसी करने का बड़ा अवसर है। कांग्रेस यह साबित करने की कोशिश में है कि जमीनी और शहरी इलाकों में उसका जनाधार अभी भी बेहद मजबूत है।
स्थानीय मुद्दों और निर्दलीय उम्मीदवारों का दबदबा
राज्य के शहरी चुनावों में पार्टी सिंबल के अलावा स्थानीय मुद्दे जैसे साफ-सफाई, सड़कें, पानी, सीवरेज नेटवर्क और स्थानीय विकास कार्य हावी रहे हैं। कई वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के बागियों के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी भी मजबूती से ताल ठोक रहे हैं, जो परिणाम आने के बाद बोर्ड गठन के समय निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
