Punjab: मोगा में युद्ध नशे के खिलाफ कार्यक्रम; मुख्य सचिव और डीजीपी के मंच साझा करने पर सियासी हलचल तेज

पंजाब सरकार ने मोगा में युद्ध नशे के खिलाफ एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान, अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और कई कैबिनेट मंत्री मौजूद थे। लेकिन इस कार्यक्रम में मुख्य सचिव और डीजीपी के मंच साझा करने को लेकर राजनीतिक विवाद छिड़ गया। विपक्षी दलों ने इसे सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग और प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल उठाने का विषय बना दिया है।

Punjab Anti Drug Campaign Moga: पंजाब सरकार ने मोगा में युद्ध नशे के विरुद्ध कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें मुख्यमंत्री भगवत मांग के साथ पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और कैबिनेट के तमाम मंत्री मौजूद रहे। यहां तक तो बात ठीक थी, लेकिन इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी ने भी मंच सांझा कर लोगों को संबोधित किया। बस अब यही बात पंजाब में सियासी चर्चा का विषय तो बन ही गई, अब इस बात को लेकर तमाम विरोधी दलों के निशाने पर आप सरकार की नशे के खिलाफ मुहिम निशाने पर आ गई, वहीं मुख्य सचिव और डीजीपी भी मंच सांझा करने को लेकर निशाने पर आ गए हैं।

Punjab Political Controversy Sparks Over Officials Sharing Stage at Anti-Drug Event in Moga

एंटी-ड्रग इवेंट में अधिकारियों के स्टेज शेयर करने पर पंजाब में राजनीतिक विवाद छिड़ा

अमरिंदर सिंह राजा वाडिंग ने क्या कहा?

पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वाडिंग ने सोशल मीडिया एक्स पर सरकार और प्रशासन को निशाने पर लेते हुए लिखा कि रैली के लिए 890 सरकारी बसें डाइवर्ट की गई। चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी एक राजनीतिक मंच को संबोधित करते हैं। पटवारी, बीडीपीओ, पंचायत सचिव और अन्य सरकारी अधिकारियों,आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को लोगों को रैली में लाने का काम सौंपा गया। इस आयोजन के बिल का भुगतान राजकोष द्वारा किया जाएगा। उन्होंने इसको सरकार के पीआर प्रैक्टिस के तौर पर बताया है।

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