Police Manthan 2025: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में रविवार को ‘पुलिस मंथन’ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन–2025 के दूसरे दिन प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। समापन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सोशल मीडिया और साइबर अपराधों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था, जातीय सौहार्द और धार्मिक एकता को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए।
सीएम योगी ने ‘पुलिस मंथन’ 2025 में कानून व्यवस्था और साइबर सुरक्षा को मजबूत करने पर दिया जोर
सीएम योगी ने यह भी निर्देश दिया कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल की ओर से संभावित आतंकी गतिविधियों और नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए सीमा सुरक्षा तंत्र और आतंकवाद-निरोधक इकाइयों को आधुनिक तकनीक से सुदृढ़ किया जाए। इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ ने गो-तस्करी और धर्मांतरण से जुड़े संगठित गिरोहों के खिलाफ सख्त और प्रभावी कार्रवाई करने पर भी जोर दिया। सोशल मीडिया के दुरुपयोग, दुष्प्रचार, डीपफेक, डार्कवेब, साइबर अपराध एवं आतंकी नेटवर्क जैसी चुनौतियों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस एवं इंटेलिजेंस तंत्र को निर्देशित किया कि सोशल मीडिया पर कानून-व्यवस्था, जातीय एवं धार्मिक सौहार्द को प्रभावित करने वाले किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट पर तत्काल संज्ञान लेकर त्वरित और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इन चीजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जाति या धर्म के नाम पर समाज को विभाजित करने, पुलिस पर दबाव बनाने अथवा अराजकता फैलाने वाले तत्वों के प्रति किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। ऐसे पोस्ट, फेक अकाउंट एवं संगठित दुष्प्रचार अभियानों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व महापुरुषों के नाम का दुरुपयोग कर नए-नए संगठन बनाकर अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस को ऐसे संगठनों की पृष्ठभूमि की गहन जांच कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने तथा कानून के दायरे में सख़्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
धार्मिक कन्वर्जन पर रखी जाए निगरानी
मुख्यमंत्री ने धार्मिक कन्वर्जन को गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि बलरामपुर जैसी घटनाएं संकेत हैं कि ऐसे प्रयास संगठित रूप से किए जा रहे हैं। पुलिस एवं इंटेलिजेंस को निर्देश दिए कि धार्मिक कन्वर्जन से जुड़ी गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जाए, सोशल मीडिया के माध्यम से इंटेलिजेंस को और मजबूत किया जाए तथा ऐसी किसी भी घटना को प्रारंभिक स्तर पर ही प्रभावी ढंग से रोका जाए। उन्होंने पुलिस के अब तक के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान परिदृश्य में इंटेलिजेंस, लोकल इनपुट और तकनीकी निगरानी को और अधिक सक्रिय व प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। प्रदेश में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया की प्रत्येक गतिविधि पर पैनी नजर रखते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर सीएम की चिंता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग, दुष्प्रचार, डीपफेक, डार्कवेब, साइबर अपराध एवं आतंकी नेटवर्क जैसी चुनौतियों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस एवं इंटेलिजेंस तंत्र को निर्देशित किया कि सोशल मीडिया पर कानून-व्यवस्था, जातीय एवं धार्मिक सौहार्द को प्रभावित करने वाले किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट पर तत्काल संज्ञान लेकर त्वरित और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जाति या धर्म के नाम पर समाज को विभाजित करने, पुलिस पर दबाव बनाने अथवा अराजकता फैलाने वाले तत्वों के प्रति किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। ऐसे पोस्ट, फेक अकाउंट एवं संगठित दुष्प्रचार अभियानों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व महापुरुषों के नाम का दुरुपयोग कर नए-नए संगठन बनाकर अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
इन्हें अधिक सक्रिय व प्रभावी बनाने की जरूरत
पुलिस को ऐसे संगठनों की पृष्ठभूमि की गहन जांच कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने तथा कानून के दायरे में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने धार्मिक कन्वर्जन को गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि बलरामपुर जैसी घटनाएं संकेत हैं कि ऐसे प्रयास संगठित रूप से किए जा रहे हैं। पुलिस एवं इंटेलिजेंस को निर्देश दिए कि धार्मिक कन्वर्जन से जुड़ी गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जाए, सोशल मीडिया के माध्यम से इंटेलिजेंस को और मजबूत किया जाए तथा ऐसी किसी भी घटना को प्रारंभिक स्तर पर ही प्रभावी ढंग से रोका जाए। उन्होंने पुलिस के अब तक के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान परिदृश्य में इंटेलिजेंस, लोकल इनपुट और तकनीकी निगरानी को और अधिक सक्रिय व प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। प्रदेश में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया की प्रत्येक गतिविधि पर पैनी नजर रखते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आतंकी चुनौतियों पर विस्तृत समीक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के संदर्भ में बढ़ती आतंकी चुनौतियों पर विस्तृत समीक्षा की और सीमा निगरानी प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित धर्मांतरण रैकेट पर अंकुश लगाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, वित्तीय लेन-देन के विश्लेषण, तकनीकी मॉनिटरिंग और आधुनिक संसाधनों के व्यापक उपयोग को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। प्रदेश में आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ चल रही पुलिस कार्रवाई की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन अभियानों को और अधिक निर्णायक तथा प्रभावी बनाया जाए। इसके लिए सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, रियल-टाइम सूचना साझा करने और त्वरित कार्रवाई के माध्यम से अपराधी नेटवर्क का मनोबल तोड़ने पर बल दिया गया।
अन्य संगठित अपराधों पर प्रस्तुतिकरण और चर्चा
गो-तस्करी के मामलों पर बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं है। पूरे नेटवर्क और उसके मास्टरमाइंड तक पहुंचकर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश जाए और उनकी पुनरावृत्ति रोकी जा सके। ‘पुलिस मंथन’ कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों में आपदा प्रबंधन, सिविल डिफेंस और होम गार्ड्स, बड़े जनसमूह के प्रबंधन, खुफिया तंत्र से जुड़ी नई चुनौतियां जैसे सोशल मीडिया, गैर-सरकारी संगठनों की गतिविधियां और नेपाल सीमा के साथ-साथ आतंकवाद-रोधी उपाय, नशीले पदार्थ, गो-तस्करी और अन्य संगठित अपराधों पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण और चर्चा की गई।
