UP News: उत्तर प्रदेश में रिकॉर्डतोड़ गर्मी और लू (Heatwave) के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और बिजली आपूर्ति को लेकर कड़े तेवर अपनाए हैं। रविवार को मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा की उपस्थिति में पावर कॉरपोरेशन और सभी डिस्कॉम के अधिकारियों के साथ एक आपात समीक्षा बैठक की। इस बैठक में सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि गर्मी के इस चुनौतीपूर्ण दौर में आम जनता, किसानों और व्यापारियों को किसी भी कीमत पर बिजली संकट का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों, स्वास्थ्य विभाग और राहत एजेंसियों को 24 घंटे मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है।
बढ़ती गर्मी और बिजली की समस्याओं को लेकर CM योगी की मीटिंग
स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए बड़ा फैसला
मुख्यमंत्री ने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करते हुए स्मार्ट मीटर व्यवस्था में एक बड़ा और अभूतपूर्व बदलाव करने का आदेश दिया है। उत्तर प्रदेश के सभी 89.23 लाख स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को प्रीपेड व्यवस्था से हटाकर दोबारा पुरानी पोस्टपेड व्यवस्था में परिवर्तित कर दिया गया है। जून 2026 से सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के बिल हर महीने की 1 से 10 तारीख के बीच पोस्टपेड आधार पर जारी किए जाएंगे। उपभोक्ताओं को उनका बिल सीधे SMS, व्हाट्सऐप और ई-मेल पर भेजा जाएगा। स्मार्ट मीटर से जुड़ी गड़बड़ियों को दूर करने के लिए 15 मई से 30 जून तक पूरे प्रदेश में विशेष निवारण कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।
बिजली की डिमांड में भारी उछाल, यूपी देश में दूसरे नंबर पर
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष अप्रैल और मई में पिछले साल के मुकाबले रिकॉर्ड तापमान दर्ज हुआ है, जिससे बिजली की खपत अप्रत्याशित रूप से बढ़ी है। 15 अप्रैल से 22 मई के बीच दैनिक औसत बिजली की मांग 501 मिलियन यूनिट से बढ़कर 561 मिलियन यूनिट प्रतिदिन पहुंच गई। वहीं, पीक डिमांड भी 29,831 मेगावाट से बढ़कर 30,339 मेगावाट हो गई है। लगातार बढ़ती मांग के बावजूद 20, 21 और 22 मई को उत्तर प्रदेश पूरे देश में सर्वाधिक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने वाला दूसरा सबसे बड़ा राज्य रहा। यूपी ने इसके लिए 12 राज्यों के साथ 'पावर बैंकिंग' का विशेष समझौता किया है। राज्य विद्युत उत्पादन निगम की क्षमता अब बढ़कर 13,388 मेगावाट हो गई है, जो साल 2022 की तुलना में स्थापित क्षमता में 86 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी को दर्शाता है।
हेल्पलाइन 1912 की क्षमता बढ़ी, लापरवाही पर फील्ड अधिकारियों पर गिरेगी गाज
बिजली कटने की स्थिति में उपभोक्ताओं को सटीक जानकारी देने के लिए नवंबर 2025 से लागू की गई एकीकृत 1912 कॉल सेंटर व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। लखनऊ और नोएडा केंद्रों से अब प्रतिदिन 75 हजार से बढ़ाकर 90 हजार कॉल हैंडल करने की क्षमता विकसित की गई है। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्रियों को स्वयं इन कॉल सेंटरों का औचक भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि केवल शिकायत दर्ज करना काफी नहीं है, उपभोक्ता को यह भी बताना होगा कि बिजली कब तक आएगी। फीडर वाइज जवाबदेही तय होगी और लापरवाही मिलने पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
हीटवेव को लेकर अस्पतालों और राहत एजेंसियों को कड़े निर्देश
विद्युत समीक्षा के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चल रही तीव्र लू से आमजन को बचाने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सभी सरकारी अस्पतालों में 'हीट स्ट्रोक' (लू लगना) से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए दवाओं, ओआरएस और अलग बेड के पर्याप्त इंतजाम तुरंत सुनिश्चित किए जाएं। फील्ड में काम करने वाले मजदूरों को थकावट और डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए अधिकारी विशेष योजनाएं बनाएं। जनता से अपील की गई है कि वे बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। बढ़ते तापमान के कारण खेतों और फैक्ट्रियों में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। सीएम ने सख्त हिदायत दी है कि ऐसी कोई लापरवाही न बरती जाए जिससे आग लगने का अंदेशा हो।
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