Raipur News: रायपुर के तेलीबांधा मरीन ड्राइव पर सड़क किनारे मिट्टी के दीये बेच रही एक महिला उस समय हैरान रह गई, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का काफिला अचानक उसके छोटे से पसरे के पास रुक गया। मुख्यमंत्री ने वहां रखे दीयों को देखा और 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत होने वाले 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम के लिए महिला से एक दीया खरीदा। इस दौरान उन्होंने महिला को एक हजार रुपये भी दिए। मुख्यमंत्री के इस सहज व्यवहार ने न केवल महिला के चेहरे पर खुशी ला दी, बल्कि स्थानीय स्तर पर छोटे कारोबार के जरिए परिवार चलाने वाले लोगों के प्रति सम्मान का संदेश भी दिया।
रायपुर में दीये बेच रही महिला के पास अचानक रुका CM साय का काफिला
महतारी वंदन योजना की लाभार्थी
मुख्यमंत्री के अचानक वहां पहुंचने से आसपास मौजूद लोग भी उत्सुक हो गए। किसी औपचारिकता के बिना सीएम साय ने दीये बेच रही महिला मीरा से बातचीत की और उसके काम के साथ-साथ परिवार का हालचाल भी जाना। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी पूछा कि क्या उसे केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का फायदा मिल रहा है। मीरा ने बताया कि उसका बैंक खाता प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खुला हुआ है। इसके अलावा वह राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना की लाभार्थी भी है और उसे हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है। महिला से योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी पाकर मुख्यमंत्री ने संतोष जताया।
सरकारी योजनाओं की असली सफलता कब मानी जाती है?
सीएम साय ने कहा कि सरकारी योजनाओं की असली सफलता तभी मानी जा सकती है, जब उनका लाभ पात्र और जरूरतमंद लोगों तक सीधे पहुंचे। उन्होंने कहा कि जनधन योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर और बैंकिंग व्यवस्था से दूर परिवारों को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है। बैंक खाते होने से सरकारी सहायता की राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाना आसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसके जरिए छत्तीसगढ़ की महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। यह मदद उनके रोजमर्रा के खर्चों में सहयोग देने के साथ महिलाओं में आर्थिक आत्मविश्वास बढ़ाने का भी माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे सामान बेचने वाले छोटे दुकानदार, कुम्हार, शिल्पकार और स्थानीय उत्पाद तैयार करने वाली महिलाएं प्रदेश की अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। स्थानीय स्तर पर तैयार सामान खरीदना केवल खरीदारी नहीं, बल्कि उससे जुड़े कारीगर और परिवार की मेहनत को सम्मान देना भी है।
'आशीर्वाद का दीया' बनेगा सेवा और जनभागीदारी का प्रतीक
मीरा से खरीदा गया दीया अब ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित होने वाले 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय परंपरा में दीपक प्रकाश, उम्मीद और सकारात्मक सोच का प्रतीक रहा है। इसी भावना के साथ यह कार्यक्रम सेवा और विकास के संकल्प को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित रहे हैं। उनके जन्मदिन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 'सेवा संकल्प अभियान' चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से इस अभियान से जुड़ने और अपनी क्षमता के अनुसार सेवा का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान में योगदान देना, पौधा लगाना, जरूरतमंद की मदद करना या स्थानीय कारीगर से सामान खरीदना जैसे छोटे प्रयास भी समाज के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इस तरह तेलीबांधा मरीन ड्राइव पर एक महिला के छोटे से दीया-पसरे से शुरू हुई यह मुलाकात अब बड़े संदेश का रूप ले चुकी है। मीरा का मिट्टी का दीया मेहनत, स्वावलंबन, सरकारी योजनाओं की पहुंच और जनभागीदारी के जरिए सेवा के संकल्प का प्रतीक बन गया है।
