दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने नए साल के अवसर पर राजधानी के निवासियों को शुभकामनाएं दी और एक उज्जवल भविष्य का रोडमैप शेयर किया है। उन्होंने वर्ष 2025 को आत्ममंथन और संघर्ष का साल बताया। सीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने हर चुनौती को अवसर में बदलने का पूरा प्रयास किया है। सीएम ने स्पष्ट करते हुए कहा कि जहां कुछ लोग जनता को AQI जैसे मुद्दों और अन्य आंकड़ों और भ्रमों में उलझाने की कोशिश कर रहे थे, वहीं सरकार का ध्यान शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को धरातल पर उतारने पर रहा। 2025 को आत्ममंथन का वर्ष बताते हुए उन्होंने 2026 को 'समाधान का वर्ष' घोषित किया और दिल्लीवासियों को आश्वस्त किया कि आने वाला समय राजधानी में ऐतिहासिक बदलावों वाला होगा।
सीएम रेखा गुप्ता का न्यू ईयर संकल्प
सीएम ने बताई 2025 की बड़ी उपलब्धियां
बीते वर्ष की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने उन योजनाओं पर जोर दिया जिनका सीधा लाभ जनता को मिला। उन्होंने बताया दिल्ली में नया शिक्षा विधेयक लाया गया है, जिससे निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर लगाम लगेगी और अभिभावकों का बोझ कम होगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में बात करते हुए उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज सुनिश्चित करना एक क्रांतिकारी कदम रहा। इसके साथ ही, गरीब और श्रमिक वर्ग के लिए शुरू की गई 'अटल कैंटीन' अपनी सफलता की कहानी खुद कह रही है, जहां मात्र 5 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। सीएम ने बताया कि इन कल्याणकारी योजनाओं ने दिल्ली के आम आदमी के जीवन स्तर को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साथ ही उन्होंने बताया कि Ease of Doing Business को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए गए।
कूड़े के पहाड़ों का अंत होगा
वर्ष 2026 के लिए सीएम ने सबसे बड़ा संकल्प दिल्ली के लैंडफिल साइट्स यानी 'कूड़े के पहाड़ों' को पूरी तरह खत्म करने का लिया है। उन्होंने दो कहा कि 2026 में ये गंदगी के पहाड़ इतिहास बन जाएंगे। इसके लिए दिल्ली का पहला बायोगैस प्लांट शुरू हो चुका है और ई-वेस्ट प्लांट की प्रक्रिया भी गति पकड़ रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर सड़कों की एंड-टू-एंड कारपेटिंग और नई सफाई मशीनों के जरिए दिल्ली को स्वच्छ बनाने का काम जारी है। सीएम ने अंत में कहा कि सरकार 'विजन 2047' पर काम कर रही है, जिसका उद्देश्य दिल्ली को दुनिया की सबसे आधुनिक और आत्मनिर्भर राजधानी बनाना है।
