Uttarakhand: जमीन घोटाला मामले में अधिकारियों पर गिरी गाज; 2 IAS और 1 PCS समेत 7 अधिकारी सस्पेंड

हरिद्वार में सामने आए ₹54 करोड़ के भूमि घोटाले पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया है। उनके निर्देश पर 2 आईएएस और 1 पीसीएस अधिकारी सहित कुल 7 कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए इसे विजिलेंस विभाग को सौंप दिया गया है।

Uttarakhand News: हरिद्वार नगर निगम में हुए जमीन घोटाले पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो आईएएस और एक पीसीएस अधिकारी समेत सात अधिकारियों को सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले तीन अधिकारी पहले ही निलंबित किए जा चुके थे, जबकि दो की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। इस तरह अब तक कुल 10 अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने इस मामले की विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं और भूमि खरीद के विक्रय पत्र को निरस्त करने के साथ ही भूस्वामियों को दिए गए धन की रिकवरी के निर्देश भी दिए हैं। यह मामला हरिद्वार नगर निगम द्वारा ग्राम सराय में कूड़े के ढेर के पास स्थित 2.3070 हेक्टेयर अनुपयुक्त भूमि को करोड़ों रुपये में खरीदने से जुड़ा है, जिस पर सवाल उठने के बाद मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए थे।

CM Pushkar Singh Dhami (File Photo)

सीएम पुष्कर सिंह धामी (फाइल फोटो)

सचिव रणवीर सिंह चौहान ने इस मामले की प्रारंभिक जांच कर 29 मई को रिपोर्ट शासन को सौंपी थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री ने कार्मिक विभाग को दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद कार्मिक एवं सतर्कता विभाग ने मंगलवार को सात आरोपित अधिकारियों को निलंबित करने के आदेश जारी किए। निलंबित किए गए अधिकारियों में तत्कालीन प्रशासक और मौजूदा डीएम कर्मेंद्र सिंह, तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी, तत्कालीन एसडीएम अजयवीर सिंह, वरिष्ठ वित्त अधिकारी निकिता बिष्ट, वरिष्ठ वैयक्तिक सहायक विक्की, रजिस्ट्रार कानूनगो राजेश कुमार और हरिद्वार तहसील के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कमलदास शामिल हैं।

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