CM मोहन यादव का वाराणसी दौरा, समझा विश्वनाथ कॉरिडोर का क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम; MP-UP मिलकर लिखेंगे विकास की नई इबारत

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 31 मार्च को 'एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन' में भाग लेने बाबा विश्वनाथ की नगरी पहुंचे। इस यात्रा का मुख्य केंद्र बिंदु न केवल दो राज्यों के बीच सांस्कृतिक सेतु बनाना है, बल्कि आगामी सिंहस्थ 2028 के लिए वाराणसी के सफल 'भीड़ प्रबंधन' मॉडल को समझना भी है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को वाराणसी पहुंचकर बाबा विश्वनाथ के दरबार में मत्था टेका। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरे का उद्देश्य मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच धार्मिक पर्यटन, लघु उद्योग और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।

Mohan Yadav Varanasi Visit

सिंहस्थ की तैयारी के लिए मोहन यादव ने काशी से ली सीख

सिंहस्थ 2028 के लिए काशी मॉडल पर नजर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का गहन अवलोकन किया। उन्होंने विशेष रूप से तीर्थयात्री प्रबंधन प्रणाली, इंफ्रास्ट्रक्चर और क्राउड फ्लो डिजाइन पर अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा, कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महाकाल लोक बनने के बाद पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था बदल गई है। इसी तरह काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद यहां भी बदलाव आया है। सभी लोगों को साथ मिलाकर विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। उन्होंने कहा कि हम बाबा महाकाल और काशी विश्वनाथ को लेकर योजनाओं-जानकारियों का आदान-प्रदान करेंगे। उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ के लिए हम यहां के सफल प्रबंधन को अपनाना चाहते हैं।

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