Indore News: दिल्ली में एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के विरोध के जवाब में इंदौर में शनिवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने गांधी भवन स्थित कांग्रेस कार्यालय घेरने का ऐलान किया था। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता भी विरोध जताने के लिए वहां एकत्र हो गए। दोनों पक्षों के प्रदर्शनकारियों के बीच पत्थर, पानी की बोतलें और टमाटर फेंके जाने की घटना हुई। पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर दोनों दलों के प्रदर्शनकारियों को हटाकर स्थिति को नियंत्रित किया। इस झड़प में छह लोग घायल हुए, जिनमें एक मीडियाकर्मी और एक पुलिस अधिकारी शामिल हैं। वहीं, महिला नेता बिंदू चौहान को गंभीर चोटें आईं, उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इंदौर में बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तनाव (फोटो: ANI)
कांग्रेस के प्रदर्शन जारी
एआई समिट में कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद भाजपा ने देशभर में कांग्रेस कार्यालय घेरने की योजना बनाई थी। इसके साथ ही, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा में दिए गए बयान के विरोध में प्रदेशभर में कांग्रेस के प्रदर्शन जारी थे। इसी वजह से कांग्रेस कार्यकर्ता दोपहर 1 बजे से इंदौर में गांधी भवन पर भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध में एकत्रित हो गए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है।
दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी
पुलिस ने संभावित टकराव को रोकने के लिए मार्ग के दोनों किनारों पर बैरिकेड लगा दिए थे। लेकिन जैसे ही भाजपा कार्यकर्ता गांधी भवन की ओर प्रदर्शन करने बढ़े, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी और विजयवर्गीय के खिलाफ नारे लगाए। इसी बीच अचानक दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी शुरू हो गई। दोनों तरफ से पत्थर, टमाटर और पानी की बोतलें फेंकी गईं। बैरिकेड होने के कारण दोनों समूह सीधे आमने-सामने नहीं थे। इस पथराव में छह से अधिक लोग घायल हुए हैं।
इलाके में मची अफरातफरी
घटना के बाद इलाके में अफरातफरी फैल गई और आसपास के व्यापारियों ने अपनी दुकानें तेजी से बंद कर दीं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को पीछे धकेलकर स्थिति को नियंत्रण में लिया। दंगा नियंत्रण वाहन वज्र भी तैनात किया गया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया, लेकिन पानी का प्रेशर कमजोर होने के कारण यह पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पाया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ता पढ़रीनाथ थाने पहुंचे और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की मांग की।
