CJP Protest: दिल्ली के यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हिरासत में रखे गए वकीलों ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों को खाने के लिए पूड़ी-सब्जी बांटी गई। इस दौरान एक वकील ने मजाकिया अंदाज में कहा, "पहली बार जेल का खाना खाएंगे।" दिल्ली में जारी प्रदर्शन के बीच बड़े पैमाने पर हुई हिरासत की कार्रवाई के दौरान यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को लोगों को अस्थायी रूप से रखने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। सामने आए इस वीडियो में हिरासत केंद्र के अंदर का एक दृश्य देखने को मिला। वीडियो में वकीलों और अन्य प्रदर्शनकारियों को पुलिस की आगे की कार्रवाई और रिहाई से जुड़ी प्रक्रिया का इंतजार करते हुए दिखाया गया।
यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में पूड़ी-सब्जी खाते दिखे वकील और प्रदर्शनकारी
वकील जंतर-मंतर जा रहे थे
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने वकीलों के खिलाफ कथित तौर पर अत्यधिक बल प्रयोग किए जाने की शनिवार को निंदा की और प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। बताया जा रहा है कि वकील जंतर-मंतर जा रहे थे, जहां मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने प्रदर्शन का आह्वान किया है। एससीबीए ने एक प्रस्ताव में कहा कि उसे सूचना मिली है कि कई वकीलों को हिरासत में भी लिया गया है।
हिरासत में लिए जाने पर चिंता
एससीबीए ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन आज सुप्रीम कोर्ट परिसर के इलाके में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे वरिष्ठ और युवा वकीलों, विशेषकर महिला वकीलों के खिलाफ कथित तौर पर अत्यधिक बल प्रयोग किए जाने और उन्हें हिरासत में लिए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त करता है और इसकी निंदा करता है।" प्रस्ताव में कहा गया, "सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने प्रधान न्यायाधीश से तत्काल हस्तक्षेप करने और संबंधित प्राधिकारियों के समक्ष यह मामला उठाने का अनुरोध करने का संकल्प लिया है, ताकि हिरासत में लिए गए सभी वकीलों के बारे में जानकारी मिल सके, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो और उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा सके और जिन वकीलों को हिरासत में रखने का कोई वैध आधार नहीं है, उन्हें तुरंत रिहा कराया जाए।"
हिरासत में लिए गए सभी वकीलों को रिहा कर दिया गया
एसोसिएशन ने हिरासत में लिए जाने की परिस्थितियों और कथित तौर पर बल प्रयोग किए जाने के मामले की जांच तथा कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करने का भी अनुरोध किया। प्रस्ताव में कहा गया, "इस प्रस्ताव की एक प्रति प्रधान न्यायाधीश के समक्ष तत्काल विचार के लिए रखी जाएगी।" एससीबीए की मानद सचिव अधिवक्ता प्रज्ञा बघेल ने बाद में बताया कि हिरासत में लिए गए सभी वकीलों को रिहा कर दिया गया है। बता दें कि CJP ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची में कथित हेरफेर और मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले प्रपत्र-6 में बदलावों के आरोपों को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया है।
