एंटीबायोटिक्स का अंधाधुंध इस्तेमाल खतरा, गांधीनगर में जुटे देश-दुनिया के डॉक्टर; बताया कैसे रोकें एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस

गुजरात के गांधीनगर में CIDSCON 2026 के दौरान एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस के बढ़ते खतरे पर विशेषज्ञों ने मंथन किया। स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने एंटीबायोटिक्स के अंधाधुंध इस्तेमाल पर चिंता जताई और जागरूकता, निगरानी व संक्रमण नियंत्रण मजबूत करने पर जोर दिया।

गांधीनगर : दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे संक्रामक रोगों और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) के खतरे से निपटने के लिए गांधीनगर के महात्मा मंदिर में चिकित्सा विशेषज्ञों का मंथन शुरू हुआ। क्लिनिकल इन्फेक्शियस डिजीज सोसाइटी (CIDS) की ओर से आयोजित 16वीं वार्षिक परिषद ‘CIDSCON 2026’ का शनिवार को स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने उद्घाटन किया। सम्मेलन की थीम ‘Addressing AMR: From Awareness to Action’ रखी गई है।

CIDSCON 2026

गांधीनगर ‘CIDSCON 2026 का आयोजन

एंटीबायोटिक्स के अंधाधुंध इस्तेमाल पर चिंता

उद्घाटन समारोह में स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने छोटी-बड़ी बीमारियों में बिना पर्याप्त जांच के हाई-डोज या अधिक प्रभावी एंटीबायोटिक्स लिखे जाने की प्रवृत्ति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एंटीबायोटिक्स का जरूरत से ज्यादा और गलत इस्तेमाल भविष्य में जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार जल्द ही एलोपैथिक, आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक समेत विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के डॉक्टरों को जोड़कर राज्यव्यापी जागरूकता अभियान चलाएगी।

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