नई दिल्ली: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक पूर्व रसायन विज्ञान की प्रोफेसर को वर्ष 2021 में अपने डॉक्टर पति की बिजली का झटका देकर हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। ममता पाठक जिन्होंने सेशन कोर्ट के आदेश को चुनौती देने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने खुद ही अपने कैस की पैरवी की । लेकिन जस्टिस विवेक अग्रवाल और देवनारायण मिश्रा की खंडपीठ ने छतरपुर की अदालत के आजीवन कारावास के फैसले को सही ठहराया। ममता ने कोर्ट के समक्ष पोस्टमार्ट रिपोर्ट पर सवाल उठाये और उसे अविश्वनीय साबित करने की कोशिश के लिए विज्ञान का सहारा लिया। लेकिन कोर्ट ने सबूत ढूंढते हुए उनकी दलीलों को खारिज कर दिया।
केमिस्ट्री प्रोफेसर ही निकली पति की कातिल (PHOTO- AI IMAGE)
ममता के पति डॉक्टर नीरज पाठक की 29 अप्रैल, 2021 को लोकनाथपुरम कॉलोनी स्थित उनके घर में मृत्यु हो गई थी जिसमें इलेक्ट्रिक बर्न का निशान भी मिला था। ममता की अपील की सुनवाई के दौरान अदालत की कार्यवाही का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा है। वीडियो में 60 वर्षीय पाठक, न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और देवनारायण मिश्रा की खंडपीठ के समक्ष अपनी बात रख रही हैं कि पोस्टमार्टम में थर्मल और बर्न के निशान को अलग नहीं किया जा सकता है और यह केवल रासायनिक विश्लेषण के माध्यम से ही किया जा सकता है।
जब कोर्ट ने दिया आदेश
इस पर जब एक जज ने उनसे पूछा कि क्या वह रसायन विज्ञान की प्रोफेसर हैं जिस पर उन्होंने कहा हाँ। सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और देवनारायण मिश्रा ने सजा के निलंबन को रद्द कर दिया और प्रोफेसर ममता पाठक को अपनी सजा का शेष भाग काटने के लिए ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करने के लिए कहा।
अदालत ने पुख्ता सबूत की बात कही
कोर्ट ने कहा कि 2021 में घटना के दिन की घटनाओं की श्रृंखला से उनके खिलाफ सबूत पुख्ता होते है। घटना के दिन ममता के पति ने अपने एक दोस्त को फोन किया और उसे बताया कि उसकी पत्नी उसे पिछले 2-3 दिनों से परेशान कर रही है और उसे बाथरूम में बंद कर दिया है। उन्होंने अपने दोस्त से पुलिस से संपर्क करके उसे छुड़ाने के लिए कहा।
बातचीत की रिकॉर्डिंग अदालत में पेश की गई
मृत डॉक्टर और उसके दोस्त के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग अदालत में पेश की गई । यह पाया गया कि डॉक्टर की मृत्यु 29 अप्रैल, 2021 को रात 9 बजे हुई थी। लेकिन ममता ने अपने पति की मृत्यु के बारे में पुलिस को दो दिन बाद सूचना दी थी। रसायन विज्ञान की प्रोफेसर ममता पाठक पर 29 अप्रैल, 2021 को सिविल अस्पताल छतरपुर में तैनात डॉक्टर नीरज पाठक की हत्या का आरोप लगाया गया था। पुलिस जांच में पाया गया कि उन्होंने नींद की गोलियां दीं और जब वह छतरपुर स्थित उनके घर पर बेहोश थे तो बिजली का झटका दिया। डॉक्टर के मृत शरीर पर पांच जगहों पर जले के निशान पाए गए।
