पुरानी दिल्ली के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल चांदनी चौक की तस्वीर जल्द ही बदलने वाली है। दिल्ली सरकार ने यहां बिजली और संचार सेवाओं से जुड़े ऊपर लटके तारों को भूमिगत करने का काम शुरू कर दिया है। इस परियोजना के तहत पहले चरण में मोरे सराय रोड और एस्प्लेनेड रोड पर काम किया जाएगा, जिसे जून के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, जमीन के नीचे विशेष आरसीसी (RCC) मल्टी-यूटिलिटी डक्ट बनाए जाएंगे। जिनमें बिजली के केबल, टेलीकॉम लाइनें, ऑप्टिकल फाइबर केबल, सीसीटीवी वायरिंग और अन्य जरूरी सुविधाओं से जुड़े तारों को एक ही कॉरिडोर में रखा जाएगा। इससे सड़कों के ऊपर फैले तारों का जाल खत्म हो जाएगा और क्षेत्र अधिक व्यवस्थित दिखाई देगा।
चांदनी चौक की 26 सड़कों से हटेगा तारों का जाल
दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि चांदनी चौक जैसे भीड़भाड़ वाले और ऐतिहासिक इलाके में यह प्रोजेक्ट बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि इससे लोगों की सुरक्षा बढ़ेगी। साथ ही बिजली और संचार सेवाओं का नेटवर्क अधिक बेहतर व व्यवस्थित होगा। इस परियोजना की कुल लागत करीब 170 करोड़ रुपये है, जबकि पहले चरण के दोनों पायलट प्रोजेक्ट पर करीब 17 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना के तहत चांदनी चौक की कुल 26 सड़कों को कवर किया जाएगा।
मरम्मत के दौरान सड़कों को नहीं होगा नुकसान
अधिकारियों के अनुसार, पुरानी दिल्ली की संकरी गलियों, मिश्रित आवासीय व व्यावसायिक उपयोग और सालों पुराने ढांचे की वजह से यहां बिजली के खंभों और तारों का जाल बन चुका है। यह देखने में भी व्यवस्थित नहीं लगता और इसकी बार-बार मरम्मत के लिए सड़कें भी खोदनी पड़ती हैं। नई व्यवस्था के तहत भूमिगत डक्ट के माध्यम से केबलों तक पहुंचने के लिए मैनहोल बनाए जाएंगे। इससे मरम्मत के दौरान बार-बार सड़कों को खोदना नहीं पड़ेगा और इससे यातायात भी प्रभावित नहीं होगा।
निर्माण कार्य में बिजली आपूर्ति हो सकती है प्रभावित
अधिकारी ने बताया कि पहले मल्टी-यूटिलिटी डक्ट्स के अंदर सभी जरूरी केबलें बिछाई जाएंगी। इसके बाद नए सिस्टम को सक्रिय करने के लिए कनेक्शन ट्रांसफर किए जाएंगे और फिर पुराने ढांचे को हटाया जाएगा। इस प्रक्रिया के दौरान कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इसके लिए स्थानीय निवासियों को बिजली कटौती की जानकारी पहले ही दे दी जाएगी।
रात में चलेगा काम
इस परियोजना के दौरान व्यापारियों और स्थानीय लोगों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए खुदाई और केबल बिछाने का काम रात 10:30 बजे से सुबह 5:30 बजे के बीच किया जाएगा। रोजाना सुबह बाजार खुलने से पहले सड़कों को बहाल कर दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि दोनों पायलट प्रोजेक्ट के अनुभव के आधार पर बाकी 24 सड़कों के लिए भी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी। इससे चांदनी चौक में बिजली और संचार व्यवस्था पहले से अधिक सुरक्षित, आधुनिक और व्यवस्थित हो सकेगी।
