IPS Puran Kumar Suicide Case: हरियाणा के सीनियर IPS वाई पूरन कुमार के सुसाइड केस में रविवार को चंडीगढ़ में महापंचायत हुई। सेक्टर 20 स्थित गुरु रविदास मंदिर में महापंचायत बुलाई गई थी जिसमें दलित संगठनों द्वारा गठित 31 सदस्यीय कमेटी ने अपना फैसला सुनाया। महा पंचायत में कहा गया कि चंडीगढ़ पुलिस और हरियाणा सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया जाता है हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणियां को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो 48 घंटे बाद बड़े आंदोलन का ऐलान किया जाएगा। हरियाणा और चंडीगढ़ के 5 लाख सफाई कर्मचारी हड़ताल पर भी जा सकते हैं।
7 अक्टूबर को हुई थी सुसाइड की घटना
महा पंचायत में पूर्व सांसद और लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के प्रमुख राजकुमार सैनी के बयान पर हंगामा भी हो गया। राजकुमार सैनी ने मंच से कहा कि महर्षि वाल्मीक ब्राह्मण थे। इसके बाद महापंचायत में आए लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। वहीं 6 दिन बाद भी पूरन कुमार के पोस्टमॉर्टम पर सहमति नहीं बना पाई। दिवंगत IPS की IAS पत्नी अमनीत पी. कुमार की सेक्टर-11 स्थित आवास पर 2 सीनियर IAS अधिकारियों के साथ मीटिंग हुई। 7 अक्टूबर को सेक्टर-11 की ही कोठी में पूरन कुमार ने सुसाइड किया था। उधर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी का कहना है कि हम IPS पूरन कुमार के परिवार से लगातार मिल रहे हैं। परिवार के कहने पर ही रोहतक SP को हटाया गया और उन्हें कहीं और पोस्टिंग भी नहीं दी गई। रविवार शाम तक मामला सॉल्व हो सकता है।
चंडीगढ़ प्रशासन और हरियाणा सरकार को 48 घंटे का वक्त
इस बीच चंडीगढ़ पुलिस की और से भी परिवार की एक मांग को मानते हुए SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(r) की जगह अब धारा 3(2)(V) लगाई गई है, जिसमें उम्रकैद के साथ जुर्माने का भी प्रावधान है। जबकि, SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(r) में 5 साल तक सजा के अलावा जुर्माने का ही प्रावधान है। चंडीगढ़ में इस मुद्दे को लेकर महापंचायत भी हुई। महापंचायत में आए लोगों ने कहा कि आईपीएस पूरन कुमार ने आत्महत्या नहीं की है, बल्कि शहादत दी है। उनके परिवार को जब तक न्याय नहीं मिल जाता तब तक हर संघर्ष में साथ दिया जाएगा। चंडीगढ़ प्रशासन और हरियाणा सरकार को 48 घंटे का वक्त दिया। एलान किया गया कि शत्रुजीत कपूर को 48 घंटे के अंदर हरियाणा डीजीपी के पद से नहीं हटाया गया तो दलित समाज के लोग पूरे प्रदेश में सड़कों पर उतरेंगे। महापंचायत में लिए फैसलों पर चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया को मेमोरेंडम सौंपने जा रहे लोगों को पुलिस ने रोक लिया। इस पर मामूली बहस भी हुई।
