आकाश के टूटे सपनों के दर्द की सिसकियां! डंकी रूट से अमेरिका पहुंचने का काला सच; करोड़ों ऐंठकर कैसे सपनों को कुचलते हैं एजेंट?

हरियाणा के 20 वर्षीय युवक आकाश भी अमेरिका से निर्वासित किए गए 104 भारतीयों में से एक हैं। उन्होंने टूटे सपनों का दर्द साझा किया है। एक एजेंट को 65 करोड़ देने बाद भी उन्हें 'डंकी' रूट के जरिए कई देशों से गुजरकर अमेरिका में दाखिल होना पड़ा। ठगे जाने पर उसने पूरा काला चिट्ठा खोला है।

चण्डीगढ़: अमेरिका की राष्ट्रपति डोनाल्ड के हाथ में आते ही तथाकथित प्रवासियों को सैन्य विमानों के जरिए उनके देश वापस भेजा जा रहा है, जिसमें भारत का भी नाम जुड़ गया है। 5 फरवरी को अमेरिका से निर्वासित किए गए 104 भारतीयों को लेकर एक अमेरिकी सैन्य विमान श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंड हुआ। अमेरिका के सैन्य विमान C-17 में पंजाब और पड़ोसी राज्यों के 104 अवैध अप्रवासी हैं। इनमें गुजरात, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के लोग भी शामिल हैं। घर वापसी के बाद वहां से आए लोगों ने अपनी आपबीती सुनाई। उन्हें बड़े सपनों की फेहरिस्त दिखा छलवा किया गया। ऐसी एक दास्तां हरियाणा के करनाल घरौंडा स्थित कालरों गांव से सामने आई है, जो बेहद निराश और चिंतित करने वाली है।

Akash is Donkey Route Story

अमेरिका से निर्वासित आकाश

अमेरिका से सैन्य विमान आया और इस विमान डिपोर्ट हुए भारतीय ही नहीं आए बल्कि कई सपने भी दफ्न हो गए। इन 104 भारतीयों की अलग अलग कहानी हो सकती है। सभी की अपनी-अपनी तकलीफे हो सकती है। सभी अपना-अपना अनुभव साझा कर रहे हैं तो कोई बहुत ज्यादा परेशान है तो कोई अपने रिश्तेदार के घर चला गया है।

End of Feed