Chandigarh News: पंजाब सरकार ने अपनी परमिट प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। अब पंजाब से चलने वाली निजी बसों को चंडीगढ़ जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस नियम की घोषणा करते हुए राज्य सरकार ने कहा कि यह बड़ा बदलाव इसलिए जरूरी था, क्योंकि निजी बस संचालक मनमानी करते थे। इसमें प्रदेश के बड़े नेता के परिवार की स्वामित्व वाली बसें भी शामिल हैं। अब इनका परिवहन में एकाधिकार और माफिया राज समाप्त होगा। इस नई नीति के अनुसार चंडीगढ़ में अब केवल राज्य परिवहन उपक्रम के स्वामित्व वाली बसें ही जाएंगी। पंजाब सरकार की इस घोषणा पर अब राजनीति भी शुरू हो गई है।
पंजाब सरकार ने निजी बसों पर लगाई रोक (प्रतीकात्मक तस्वीर)
राज्य की इस नीति के बारे में जानकारी देते हुए परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री बादल के परिवार ने वर्ष 2007 से 2017 तक अपनी सरकार के कार्यकाल के दौरान अपने इस कारोबार को बढ़ाने के लिए कई योजनाएं बनाई थीं। कांग्रेस सरकार ने भी निजी बसों की इस मनमानी को शह दी, लेकिन अब पंजाब सरकार ने निजी बस माफिया को जड़ से खत्म करने के लिए यह फैसला लिया। अब अंतरराज्यीय रूटों पर कोई भी निजी बस नहीं चलेगी। इससे यात्रियों को भी इनकी मनमानी से राहत मिलेगी।
