Amritsar Grenade Attack: पंजाब पुलिस ने अमृतसर ग्रेनेड हमले का मामला 48 घंटे में सुलझा दिया है। सोमवार को पुलिस के साथ आरोपियों की मुठभेड़ हुई। जिसमें मुख्य आरोपी गुरसिदक सिंह ढेर हो गया। लेकिन उसका साथी भागने में कामयाब हो गया। इस मुठभेड़ के दौरान एक सिपाही भी घायल हो गया।
ग्रेनेड हमले के आरोपी का एनकाउंटर
अमृतसर के मंदिर के बाह विस्फोट
अमृतसर में 15 मार्च को ठाकुरद्वार मंदिर के बाहर विस्फोट होने से मंदिर की दीवार का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था और खिड़कियों के शीशे टूट गए थे। एक व्यक्ति को विस्फोटक उपकरण मंदिर की ओर फेंकते देखा गया था। पंजाब पुलिस के प्रमुख गौरव यादव ने कहा कि विशेष खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए अमृतसर पुलिस ने मंदिर पर हमले के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगा लिया है।
पुलिस महानिदेशक यादव ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘पुलिस टीम ने राजा सांसी में संदिग्धों का पता लगाया। आरोपियों की तरफ से की गई गोलीबारी में हेड कांस्टेबल गुरप्रीत सिंह घायल हो गए।’’ यादव ने कहा, ‘‘आत्मरक्षा के लिए कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने जवाबी गोलीबारी की जिसमें एक आरोपी घायल हो गया। उसे सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उसकी मौत हो गई। अन्य आरोपी भाग गया और उसे गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।’’
घटना से लोगों में फैली दहशत
घटना के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में दो अज्ञात व्यक्ति मोटरसाइकिल पर मंदिर की ओर आते दिखाई दिए। कुछ सेकंड रुकने के बाद उनमें से एक को मंदिर की ओर विस्फोटक उपकरण फेंकते देखा गया और बाद में दोनों घटनास्थल से भाग गए। पंजाब पुलिस ने उस समय कहा था कि उसे मंदिर पर हमले में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ‘इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस’ (आईएसआई) की भूमिका पर संदेह है। हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन विस्फोट से अमृतसर के खंडवाला इलाके के निवासियों में दहशत फैल गई।
(इनपुट - भाषा)
