देश में मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है।सरकार ने अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में एक बार इस्तेमाल (सिंगल-यूज) के लिए बनाए गए मेडिकल उपकरणों और सर्जिकल डिस्पोजेबल्स के दोबारा इस्तेमाल पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। यह निर्देश सरकारी और निजी, दोनों तरह के अस्पतालों पर लागू होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे उपकरणों को स्टरलाइज करने के बाद भी दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
सांकेतिक फोटो
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कई प्रमुख चिकित्सा क्षेत्रों में दोबारा इस्तेमाल पर चिंता
सरकार ने कार्डियोलॉजी (हृदय रोग), नेफ्रोलॉजी (किडनी रोग), ऑन्कोलॉजी (कैंसर), कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी और न्यूरोसर्जरी जैसे चिकित्सा क्षेत्रों में सिंगल-यूज उपकरणों के दोबारा इस्तेमाल को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। इन क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले सिंगल यूज उपकरणों और डिस्पोजेबल सर्जिकल सामान का दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
मरीजों से पूरी कीमत वसूलने पर आपत्ति
निर्देश में इस बात को लेकर भी सख्त ऐतराज जताया गया है कि कई मामलों में अस्पतालों द्वारा एक ही उपकरण का बार-बार इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद मरीजों से उसकी पूरी कीमत वसूली जाती है या सरकारी एजेंसियों से उसका पूरा भुगतान लिया जाता है।
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राज्य के अधिकारियों को सख्ती बरतने के आदेश
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य विभागों और राज्य औषधि नियंत्रकों (Drug Controllers) को पत्र लिखकर इन दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है, ताकि मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो सके
