Delhi NCR News: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु गुणवत्ता में तेजी से सुधार लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा है कि एक सप्ताह के भीतर हवा की स्थिति में साफ तौर पर सुधार दिखाई देना चाहिए। शुक्रवार को दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के एक्शन प्लान की समीक्षा के लिए नगर निकायों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने कहा कि उठाए गए कदमों की रफ्तार लगातार बनाए रखी जाए। इस दौरान दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 376 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। बैठक में मंत्री ने जोर दिया कि जब तक वायु गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार नजर न आए, तब तक सभी प्रयास निरंतर जारी रहने चाहिए।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव (फोटो: PIB)
नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
भूपेंद्र यादव ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन इस दौरान आम लोगों को बेवजह परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जिन समस्याओं की पहचान की गई है, उनका समाधान सुधारात्मक कदमों के जरिए किया जाएगा और इनकी समीक्षा 15 दिन बाद की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि हाल के हफ्तों में वायु गुणवत्ता में गिरावट को देखते हुए यह चौथी समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जनवरी 2026 से हर महीने बैठकें की जाएंगी, जिनमें राज्यों द्वारा तैयार किए गए एक्शन प्लान की समीक्षा की जाएगी। साथ ही, अंतर-राज्यीय समन्वय के माध्यम से अमल में आ रही बाधाओं को उच्चतम स्तर पर सुलझाया जाएगा।
62 ट्रैफिक हॉटस्पॉट्स पर सुचारू यातायात व्यवस्था
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जारी एक आधिकारिक संदेश में क्षेत्र के 62 ट्रैफिक हॉटस्पॉट्स पर सुचारू यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही कॉरपोरेट और औद्योगिक इकाइयों के कर्मचारियों के लिए ईवी और सीएनजी बसों के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। भीड़भाड़ कम करने के उद्देश्य से कार्यालयों, शॉपिंग मॉल और व्यावसायिक परिसरों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित करने का सुझाव भी दिया गया है, ताकि पीक ऑवर के दौरान दबाव घटाया जा सके। इसके अलावा केंद्र सरकार ने गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और नोएडा को इंटीग्रेटेड स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
मेट्रो की बेहतर कनेक्टिविटी पर जोर
भूपेंद्र यादव ने मेट्रो रेल अधिकारियों के साथ समन्वित योजना पर भी जोर दिया, ताकि अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी बेहतर हो सके। उन्होंने ट्रैफिक जाम का कारण बन रहे अतिक्रमणों को 10 दिनों के भीतर हटाने, गड्ढा-मुक्त सड़कों के लिए वार्षिक रखरखाव अनुबंध सुनिश्चित करने और मानसून के दौरान सड़कों को नुकसान से बचाने के लिए बेहतर जलनिकासी व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मंत्रालय के अनुसार, प्रदूषण से जुड़ी जन शिकायतों के समाधान के लिए सीएक्यूएम (CAQM) की निगरानी में समन्वित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही विभिन्न हितधारकों को जागरूक और सहभागी बनाने के लिए केंद्रित सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
नोडल अधिकारियों की नियुक्ति
नोट में कहा गया है कि भूपेंद्र यादव ने एनसीआर में मौजूदा वायु गुणवत्ता की स्थिति में एक सप्ताह के भीतर स्पष्ट सुधार लाने के लिए जरूरी कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने सड़कों पर जमी धूल और निर्माण व ध्वस्तीकरण (सी एंड डी) कचरे को हटाने, बायोमास जलाने पर नियंत्रण करने और अत्यधिक प्रदूषण के समय निर्माण गतिविधियों पर लगाए गए प्रतिबंधों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा, प्रभावी सड़क सफाई और धूल नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों (एमआरएसएम) की जिम्मेदारी तय करने हेतु नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने को कहा गया, जिनकी निगरानी जीपीएस ट्रैकिंग के माध्यम से की जाएगी। जवाबदेही मजबूत करने के लिए जनप्रतिनिधियों को भी इस प्रक्रिया में शामिल करने की बात कही गई।
C&D से जुड़ी गतिविधियों पर प्रतिबंध
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) को यह सलाह दी गई है कि वह नगर निकायों को ऐसे निर्देश जारी करे, जिनके तहत 10 किलोमीटर के दायरे में निर्माण एवं ध्वस्तीकरण (C&D) कचरा संग्रह उपकेंद्र उपलब्ध न होने पर तोड़फोड़ की गतिविधियों की अनुमति न दी जाए। इसके अलावा, अक्टूबर से दिसंबर तक सी एंड डी से जुड़ी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। साथ ही, सीएक्यूएम से यह भी कहा गया है कि वह सी एंड डी कचरा प्रबंधन के लिए नए और प्रभावी समाधान तलाशने हेतु स्टार्टअप्स और निजी क्षेत्र की भागीदारी की संभावनाओं पर विचार करें।
