सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने मुंबई में एक इनकम टैक्स इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने एक मामले को सुलझाने के लिए 20 लाख रुपये की मांग की थी। अधिकारियों ने बताया कि एंटॉप हिल के रहने वाले एक व्यक्ति को इस साल फरवरी में इनकम टैक्स ऑफिस (सिंधिया हाउस) में पेश होने का नोटिस मिला था। वहां उसने इंस्पेक्टर और एक अन्य व्यक्ति के सामने अपना मामला रखा और जरूरी दस्तावेज पेश किए।
प्रतीकात्मक फोटो
आरोप है कि शिकायतकर्ता को बिना किसी नोटिस के दो-तीन बार बुलाया गया। एक बार, इंस्पेक्टर सुभाष कुमार यादव ने इनकम टैक्स के मामले को सुलझाने के लिए 20 लाख रुपये की मांग की।
अधिकारियों के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने इस मांग पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन अक्टूबर में यादव ने उसे फिर से फोन करना शुरू कर दिया। उसने रिश्वत मांगी और धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए, तो वह मामले को फिर से खोल देगा।
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FIR में कहा गया है, 'शिकायतकर्ता ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को लिखित शिकायत दी। उसने यह भी बताया कि उसे जो नोटिस मिला था, उस पर DCIT/ACIT (डिप्टी कमिश्नर/असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स) के डिजिटल हस्ताक्षर थे। इसलिए उसे शक है कि रिश्वत मांगने के इस मामले में सुभाष कुमार यादव और रंजन खटीक के साथ इनकम टैक्स विभाग के कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।'
'आरोपी को शिकायतकर्ता से 15 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया'
CBI ने मामले की स्वतंत्र जांच की, जिसमें 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगने की बात सच साबित हुई। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी अधिकारी शिकायतकर्ता का मामला सुलझाने के लिए 15 लाख रुपये लेने को तैयार हो गया था। CBI के एक प्रवक्ता ने बयान में कहा, 'CBI ने 27 अक्टूबर 2026 को एक जाल बिछाया और आरोपी को शिकायतकर्ता से 15 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के ठिकानों पर तलाशी ली गई, जिसमें कुछ अहम दस्तावेज और 11 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं।'
