पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने सख्त रुख अपनाया है। पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं अचानक बढ़ने पर आयोग ने पंजाब सरकार को फटकार लगाई है और साफ कर दिया है कि इस मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। CAQM के चेयरमैन राजेश वर्मा ने 4 नवंबर को पंजाब के पर्यावरण और कृषि विभाग के सचिवों के साथ बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पंजाब के 12 जिलों के डीसी और एसएसपी भी बैठक में शामिल हुए। इन 12 जिलों में फिरोजपुर, फरीदकोट, फाजिल्का, जालंधर, बठिंडा, पटियाला, बरनाला, लुधियाना, मलेरकोटला, मोगा, संगरूर और मानसा शामिल हैं।
पंजाब पराली (फोटो साभार- PTI)
पंजाब में पराली जलाने पर होगी सख्त कार्रवाई
आयोग ने निर्देश दिया कि पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए निगरानी और कार्रवाई तेज की जाए। आयोग ने साफ कहा कि जिन अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है, अगर उनकी लापरवाही से खेतों में आग लगती है तो उनकी जवाबदेही तय होगी। खेतों में आग रोकने के लिए पुलिसकर्मियों और नोडल अधिकारियों की तैनाती और उनके कामकाज की भी समीक्षा की गई। आयोग ने कहा कि इस काम में गांव के लोगों और स्थानीय नेताओं की भी मदद ली जाए, ताकि जमीनी स्तर पर जागरूकता बढ़े और किसान पराली जलाने से बचें।
पराली को खेतों से उठाकर बॉयलर में इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया, ताकि ज्यादा से ज्यादा पराली का सही इस्तेमाल हो सके। आयोग ने कहा कि पराली को बोझ समझने के बजाय उसे संसाधन के रूप में इस्तेमाल करना होगा। थर्मल पावर प्लांट में कम से कम 5 फीसदी बायोमास पेलेट जलाने का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। नियम नहीं मानने वाले प्लांट पर कानूनी कार्रवाई होगी। आयोग ने माना कि अगर थर्मल प्लांट पराली आधारित पेलेट का इस्तेमाल बढ़ाएं तो पराली जलाने की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
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आयोग ने पंजाब प्रसाशन को दिया साफ निर्देश
आयोग ने हरियाणा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बेहतर योजना और पराली के सही प्रबंधन की वजह से आग लगने की घटनाएं काफी कम हैं। पंजाब को भी इसी तरह की योजना पर काम करने की जरूरत है। आयोग ने पंजाब प्रशासन को साफ निर्देश दिया कि कल पराली जलाने की घटनाओं में जो बढ़ोतरी हुई, वह एक दिन की घटना होनी चाहिए। आगे ऐसा दोबारा नहीं होना चाहिए। CAQM की एक हाईलेवल टीम बठिंडा में मौजूद है, जो मौके पर जाकर हालात का जायजा ले रही है। आयोग ने साफ कर दिया है कि पराली जलाने के मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
