बुटाटी धाम में 22 करोड़ रुपये के गबन से मचा हड़कंप, जांच रिपोर्ट में सोने-चांदी से लेकर फर्जी बिलों तक कई बड़े खुलासे

नागौर के प्रसिद्ध बुटाटी धाम में करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। 146 दिनों की जांच के बाद तैयार रिपोर्ट में करीब 22 करोड़ रुपये के गबन और कई गंभीर वित्तीय गड़बड़ियों का जिक्र किया गया है, जिस पर सख्त कार्रवाई की सिफारिश की गई है।

Butati Dham: अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी मामले के बाद राजस्थान के नागौर जिले के प्रसिद्ध बुटाटी धाम (श्री चतुरदास महाराज मंदिर) में 13 सदस्यीय जांच समिति की 146 दिनों की जांच के बाद करीब ₹22 करोड़ के गबन का खुलासा हुआ है। डेगाना एसडीएम द्वारा जिला कलेक्टर को सौंपी गई रिपोर्ट में ₹2.60 करोड़ का सोना-चांदी रिकॉर्ड में न चढ़ाने, भोजनशाला व सीसीटीवी में लाखों के फर्जी बिल लगाने और गोशाला-सुरक्षा खर्चों में भारी वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई है। प्रशासन ने तत्कालीन कार्यकारिणी के 11 सदस्यों के खिलाफ FIR दर्ज करने, उनकी निजी संपत्तियां कुर्क कर वसूली करने और बैंक खाते फ्रीज करने की सख्त सिफारिश की है। वहीं कमेटी अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने इन आरोपों को नकारते हुए कलेक्टर के सामने अपनी बैलेंस शीट पेश करने की बात कही है।

Butati Dham

राजस्थान के नागौर जिले में है बुटाटी धाम

देवस्थान विभाग के राजस्थान में 593 मंदिर

राजस्थान सरकार के देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा "जहां भी दान चोरी के मामले आते हैं उस पर सरकार कार्रवाई करती हैं। चोरों को पकड़कर जेल भेजते हैं, जरूरत होने पर जांच भी करवाते हैं। न्यायिक जांच बैठाना हो तो वो भी करते हैं। बुटाटी के प्रकरण में सच्चाई हुई तो सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। देवस्थान विभाग के राजस्थान में 593 मंदिर हैं जिनकी देखरेख सरकार करती है लेकिन लाखों-करोड़ों मंदिर ऐसे हैं जिनके ट्रस्ट बने हुए हैं, स्थानीय लोग और एनजीओ की मदद से उनका संचालन होता है।

End of Feed