पटना/लखनऊ : बिहार और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। बिहार के पश्चिमी चंपारण में गंडक नदी के किनारे बने तटबंध में दरार आने से निचले इलाकों में पानी घुसने का खतरा पैदा हो गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश में सरयू नदी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। अयोध्या और गोरखपुर में हालात को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।
बिहार-यूपी में बाढ़ का खतरा बढ़ा (फोटो-AI)
पश्चिमी चंपारण में तटबंध में दरार
बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में सोमवार शाम गंडक नदी के किनारे बने तटबंध में मामूली दरार आ गई। इससे तीन गांवों के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। बताया गया है कि बगहा-1 प्रखंड के खैरटवा गांव के पास तटबंध के 4 किलोमीटर चेनेज पर यह दरार आई।
बयान के मुताबिक, उस समय गंडक नदी का जलस्तर अपने पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर 90.90 मीटर से करीब 35 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। तटबंध में दरार के कारण नदी का पानी खेतों में प्रवेश कर रहा है। हालांकि, प्रशासन को उम्मीद है कि यह पानी करीब 9.5 किलोमीटर चेनेज पर फिर से गंडक नदी में मिल जाएगा। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
यूपी में सरयू का जलस्तर बढ़ा
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। अयोध्या में पिछले दो दिनों में हुई बारिश के बाद सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इससे नदी के आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है।
गोरखपुर में भी सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं राप्ती और रोहिन नदियों का जलस्तर भी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। कई इलाकों में इसका असर जमीन पर दिखाई देने लगा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पानी उन क्षेत्रों तक पहुंच गया है जो एक दिन पहले तक सूखे थे।
बाढ़ चौकियों को अलर्ट
नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गोरखपुर जिला प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है। विभिन्न विभागों की टीमें नदियों, तटबंधों और अन्य संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी कर रही हैं। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखते हुए जरूरी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
