बोर्ड और NEET छोड़ा, बचाई दादी की जान... 19 साल की उम्र में पोते ने किया बड़ा त्याग

बिहार के हाजीपुर से इंसानियत की मिसाल पेश करने वाली एक खबर सामने आई है, जहां 19 वर्षीय आदित्य राज ने अपनी दादी की जान बचाने के लिए 12वीं बोर्ड और नीट परीक्षा छोड़ दी। जानें क्या है पूरा मामला।

कहते हैं रिश्तों से बढ़कर कुछ नहीं होता - इस बात को 19 साल के एक छात्र ने एक बार फिर सच कर दिया। जब उसके सामने एक ओर बोर्ड परीक्षा और NEET जैसे बड़े सपने थे, वहीं दूसरी ओर दादी की जिंदगी का सवाल था, तो ऐसे मुश्किल समय में उसने बिना हिचक अपने सपनों की उड़ान को कुछ समय के लिए रोककर इंसानियत और परिवार को चुना। उसके इस फैसले ने मानवता की नई मिसाल कायम कर दी।

Bihar Liver transplant story - AI

सांकेतिक फोटो (AI Image)

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार के हाजीपुर के रहने वाले 19 वर्षीय आदित्य राज ने अपनी दादी की जान बचाने के लिए 12वीं बोर्ड और NEET परीक्षा छोड़कर लिवर डोनेट किया। आदित्य की 62 वर्षीय दादी सुनीता देवी लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी से बीते एक साल से जूझ रही थीं। उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी, जिसके चलते उन्हें बार-बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा था। जब दादी की हालत ज्यादा गंभीर हो गई, तो परिवार उन्हें इलाज के लिए नोएडा के वैशाली स्थित मैक्स अस्पताल लेकर गया। जहां डॉक्टरों ने साफ कहा कि उनकी जान बचाने का एकमात्र उपाय लिवर ट्रांसप्लांट है और ऑपरेशन जल्द से जल्द करना होगा।

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