Samastipur News: बिहार के जमुई में दो नाबालिगों के साथ मारपीट और उत्पीड़न का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि प्रदेश के समस्तीपुर जिले से वैसी ही एक और शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। समस्तीपुर के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंह इलाके से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ युवक एक लड़की के साथ सरेराह बदसलूकी और अनुचित व्यवहार करते नजर आ रहे हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है। समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) अरविंद प्रताप सिंह ने पुष्टि की है कि पीड़िता नाबालिग है और इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
नाबालिग से अभद्रता का वीडियो हुआ वायरल
सरेराह आपत्तिजनक हरकत का वीडियो वायरल
वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि दिन के उजाले में सरेराह कुछ मनचले युवक लड़की को घेरकर खड़े हैं। गालियों से भरी अश्लील भाषा के साथ युवक लड़की को गलत नीयत से छू भी रहे हैं। पीड़िता असहज और डरी-सहमी दिख रही है। हालांकि, वीडियो किस तारीख और समय का है, इसकी आधिकारिक तौर पर जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि घटना के वक्त मौके पर कुल कितने लोग मौजूद थे।
SP के निर्देश पर बनी टीम, कर्पूरीग्राम पुलिस ने 4 को दबोचा
वीडियो सामने आते ही समस्तीपुर एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने मामले को स्वतः संज्ञान में लिया और तुरंत विशेष पुलिस टीम गठित कर कार्रवाई के निर्देश दिए। कर्पूरीग्राम थाना अध्यक्ष ने जानकारी दी है कि वायरल वीडियो के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई और छापेमारी कर 4 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वीडियो में दिख रहे अन्य लोग कौन थे। पुलिस का कहना है कि इलाके में अभी भी छापेमारी जारी है और जल्द ही इस घटना में शामिल अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है।
'मोरल पुलिसिंग' पर फिर उठे गंभीर सवाल
जमुई कांड के तुरंत बाद समस्तीपुर में घटी इस घटना ने एक बार फिर देश में 'मोरल पुलिसिंग' और सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले को लेकर सोशल मीडिया पर फिर ये चर्चा चल रही है कि किसी भी परिस्थिति में किसी के साथ सार्वजनिक स्थान पर अभद्रता, जबरदस्ती, मोरल पुलिसिंग या आपत्तिजनक व्यवहार को किसी भी सूरत में उचित नहीं ठहराया जा सकता। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि कानून हाथ में लेने वाले ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
