पटना : बिहार में मंगलवार को राज्यव्यापी ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने फुलवारीशरीफ उच्च विद्यालय परिसर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-137 से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राज्य के 1,15,064 आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों और लाभार्थियों से बातचीत कर पढ़ाई, गतिविधियों और केंद्र पर मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। बच्चों ने कविता प्रस्तुत की और अपना परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने उन्हें मिठाइयां भी बांटीं।
'आंगन का मिलन' कार्यक्रम में सीएम सम्राट चौधरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने लाभार्थियों और स्थानीय लोगों से केंद्रों की सुविधाओं में सुधार को लेकर सुझाव देने को कहा।
आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन और सुविधाओं पर जोर
सम्राट चौधरी ने कहा कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों का अपना भवन नहीं है, वहां भवन निर्माण के लिए प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था से लेकर प्रसव के बाद तक माताओं और बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर सरकार काम कर रही है। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक भोजन, फल और दूध उपलब्ध कराने तथा बच्चों को केंद्रों से जोड़ने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव के सभी छोटे बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ने का प्रयास किया जाना चाहिए।
लाभार्थियों ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना से मिली आर्थिक सहायता का इस्तेमाल पोषण, खान-पान और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का टीकाकरण और वजन-लंबाई की नियमित निगरानी भी की जा रही है। एक लाभार्थी ने केंद्रों पर बच्चों के लिए खिलौनों की सुविधा बढ़ाने का सुझाव दिया।
मातृ वंदना योजना के तहत मिलीं सुविधाएं
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों को सांकेतिक चेक दिए। महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया। लाभार्थियों को पौष्टिक किट भी बांटी गई।
आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका और आशा दीदी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान ‘सुपोषित बचपन की रसोई’ पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में करीब 1.15 लाख आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका बच्चों और परिवारों से जुड़ी सेवाओं में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य और पोषण बेहतर होने से राज्य और देश को फायदा होगा।
