AC कमरे की राजनीति' बनाम '100 दिन का विकास', बिहार में सरकार-प्रशांत किशोर आमने-सामने; किए बड़े दावे

बिहार सरकार ने कहा कि प्रशांत किशोर जमीनी हकीकत से कटे हुए हैं और केवल बयानबाजी की राजनीति कर रहे हैं। सत्ता पक्ष का आरोप है कि बांकीपुर उपचुनाव में जीत के बाद उनके व्यवहार में अहंकार आ गया

पटना : बिहार की राजनीति में जुबानी जंग तेज हो गई है। हाल ही में सम्राट चौधरी के कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर सरकार की ओर से इसे 'सेवा, संकल्प और समर्पण' का दौर बताया गया है, वहीं जन सुराज के नेता और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर के कामकाज और बयानों पर तीखे सवाल उठाए गए हैं। सत्ता पक्ष ने प्रशांत किशोर की राजनीति को 'एसी कमरों की राजनीति' करार देते हुए आरोप लगाया है कि वह ज़मीनी हकीकत से दूर हैं और केवल बयानबाजी कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि बांकीपुर उपचुनाव में जीत के बाद उनका रवैया अहंकारी हो गया है और वह संवैधानिक पदों व मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणियां कर रहे हैं।

Samrat Chaudhary And Prashant Kishor

सीएम सम्राट चौधरी और जन सुराज अध्यक्ष प्रशांत किशोर

शिक्षा के क्षेत्र में काम का दावा

शिक्षा व्यवस्था पर प्रशांत किशोर के सवालों का जवाब देते हुए सरकार ने 100 दिनों के कामकाज का ब्योरा दिया है। हालांकि, जुलाई माह में ही सरकार ने 100 दिन कंपलीट कर लिए थे। सरकार के दावे के मुताबिक, आज़ादी के बाद से बिहार में कुल 278 डिग्री कॉलेज थे, जबकि मौजूदा सरकार ने केवल 100 दिनों में 211 नए डिग्री कॉलेजों का उद्घाटन कर दिखाया है। गरीब बच्चों को अच्छी पढ़ाई देने के लिए 551 मॉडल स्कूल शुरू किए गए हैं। साथ ही, BPSC TRE-4 के ज़रिए 32,683 से ज़्यादा शिक्षकों की भर्ती तेज़ी से चल रही है। मुज़फ़्फ़रपुर में आर्किटेक्चर और सिविल इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी बनाई जा रही है। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन और 3D प्रिंटिंग जैसी नई तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए 'सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस' बनाए गए हैं।

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