Bihar Flood: बिहार में बाढ़ लगातार विक्राल रूप लेता जा रहा है। बाढ़ बाढ़ की वजह से 22 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित है। इस स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव कार्यों का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वैशाली और सारण का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने हाजीपुर और सोनपुर में बनाए गए राहत शिविरों का निरीक्षण किया और वहां रह रहे बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत कर राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति की जानकारी ली।
बिहार में बाढ़ का कहर! 22 लाख लोग प्रभावित, CM सम्राट चौधरी ने राहत शिविर में परोसा खाना। ANI
सीएम ने राहत शिविरों का किया दौरा
मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में पहुंचकर लोगों से व्यवस्थाओं को लेकर फीडबैक लिया। उन्होंने शिविरों में उपलब्ध भोजन, रहने और अन्य जरूरी सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उनका एक अलग अंदाज भी देखने को मिला, जब उन्होंने खुद बाढ़ प्रभावित लोगों को खाना परोसा। सम्राट चौधरी ने राहत शिविर में मौजूद लोगों के साथ बैठकर भोजन भी किया। उन्होंने लोगों से बातचीत करते हुए उनकी समस्याएं जानीं और राहत व्यवस्था को लेकर अधिकारियों से भी जानकारी ली।
मुख्यमंत्री के दौरे का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत कार्यों और शिविरों में उपलब्ध सुविधाओं की जमीनी स्थिति का निरीक्षण करना रहा। वैशाली और सारण के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति के बीच प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, "जलस्तर घट रहा है। गंगा का जलस्तर लगभग 17 से 18 सेंटीमीटर कम हो गया है और सभी अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं। हमें विश्वास है कि अगले दो से तीन दिनों में स्थिति में सुधार होगा और सभी को राहत मिलेगी। यह एक प्राकृतिक आपदा है और सरकार स्थिति से निपटने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।"
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने क्या-क्या कहा?
वहीं, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा, "राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग बाढ़ से निपटने के लिए प्रयास कर रहे हैं। हमने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों और पंचायत भवनों में अस्थायी अस्पताल स्थापित किए हैं। वहां डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को तैनात किया गया है। हमने नावों के माध्यम से दवाओं के वितरण की भी व्यवस्था की है।"
कई जिलों में जीवन अस्त-व्यस्त
बता दें कि 12 जिलों पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय एवं अरवल के 70 प्रखंडों की 368 ग्राम पंचायतों में लगभग 22.42 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। वहीं, पांच सितंबर को संचालित 80 सामुदायिक रसोइयों की संख्या को बढ़ाकर रविवार को 190 कर दिया गया है।
