MP News : मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के दिमनी विधानसभा क्षेत्र के एक गांव में पुरानी रंजिश के चलते एक पक्ष के कुछ लोगों ने शुक्रवार को दूसरे पक्ष की तीन महिलाओं सहित छह लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी और तीन अन्य लोगों को घायल कर दिया। पुलिस महानिरीक्षक (चंबल जोन) एस सक्सेना ने बताया कि तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य ने जिला अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और पुलिस हत्या के सिलसिले में आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने जा रही है। बताया गया कि यह घटना जिला मुख्यालय से 50 से 60 किलोमीटर दूर लेपा गांव में हुई और मारे गए तीनों पुरुष और तीनों महिलाएं एक ही परिवार की सदस्य थीं। हत्या के कारणों के बारे में पता चला कि मृतकों और आरोपियों के बीच पुरानी दुश्मनी थी।
मध्यप्रदेश के मुरैना गांव की घटना। (प्रतीकात्मक फोटो)
इस तरह रहा पूरा घटनाक्रम
पुलिस के मुताबिक, लेपा गांव के रहने वाले रंजीत तोमर और राधे तोमर के बीच काफी समय पहले जमीन का विवाद चल रहा था। करीब नौ साल पहले हुए विवाद में राधे के परिवार के कुछ लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उसके बाद रंजीत का परिवार गांव छोड़ गया था। हाल ही जब वह गांव लौटकर वापस आया तो राधे के पक्ष की ओर से हमला किया गया।
हत्याकांड के बाद आरोपी फरार
इस भयानक हत्याकांड के बाद आरोपी का परिवार गांव से फरार हो गया। हालांकि जब लोगों से पुलिस ने घटनाक्रम के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की तो सब लोगों ने इंकार कर दिया। पुलिस का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है, आरोपियों के बीहड़ में छिपे होने की आशंका है। गांव से लेकर जंगलों तक टीम ने डेरा डाला हुआ है, जैसे ही कोई सुराग मिलता है तो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इन लोगों की हुई मौत
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राय सिंह नरवरिया ने बताया कि मृतकों की पहचान गजेंद्र सिंह (55), संजू (40), सत्यप्रकाश (35), लेस कुमारी (46), बबली तोमर (उम्र ज्ञात नहीं) और मधु कुमारी (36) के रूप में की गई है। आईजी सक्सेना ने कहा कि पुलिस ने हत्या में शामिल आठ लोगों की पहचान की है और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पीडि़त परिवार का क्या है कहना
हमले में अपने पति, दो बेटों और तीन बहुओं को खोने वाली कुसुमा तोमर ने बताया कि उनके परिवार का आरोपियों से 2013 में सरकारी जमीन के एक टुकड़े को लेकर विवाद हुआ था। उन्होंने कहा कि आरोपियों के परिवार के दो लोगों की तब हत्या कर दी गई थी। हत्याओं से हमारा कोई लेना देना नहीं था लेकिन हमारे परिवार के सदस्यों के नाम इस मामले में घसीटे गए थे। उन्होंने कहा, बाद में जेल में उनके और हमारे परिवार के बीच एक समझौता हुआ। हमने उन्हें मुआवजे के तौर पर छह लाख रुपये दिए और अपनी जमीन उनके नाम पर स्थानांतरित कर दी। उन्होंने कहा कि शुक्रवार की सुबह जब वह परिवार के अन्य सदस्यों के साथ दस साल बाद अहमदाबाद से गांव लौटी तो आरोपी उनका इंतजार कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि पुलिस घटना के दो घंटे बाद मौके पर पहुंची। गौरतलब है कि एथलीट से डकैत बने पान सिंह तोमर की कहानी पर इरफान खान अभिनीत प्रसिद्ध बॉलीवुड फिल्म बनी। जिसमें एक भूमि विवाद के बाद पान सिंह तोमर के डकैत बनने की कहानी फिल्माई गई।
(भाषा इनपुट के साथ)
