Simhastha 2028: एमपी के उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारी शुरू, दीपावली से महाकाल के दर्शन होंगे ऐसे, जानिए कैसे

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 5, 2023, 02:37 PM IST

Simhastha 2028: उज्जैन में आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है। यहां हर दिन बढ़ रही श्रद्धालुओं की तादाद को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने अब नई व्यवस्था पर काम आरंभ कर दिया है। जिसके तहत तीन करोड़ खर्च कर मंदिर में बाबा के दर्शन श्रद्धालु आसानी से कर सकें ऐसी व्यवस्था की जा रही है। आने वाले दिनों में भक्त एक साथ 20 कतारों में महाकाल के दर पर शीश नवा सकेंगे।

KEY HIGHLIGHTS
  • आगामी दीपावली से बाबा महाकाल के दर्शनों की होगी नई व्यवस्था
  • अब श्रद्धालु एक साथ 20 कतारों में महाकाल के दर्शन कर सकेंगे
  • इसके लिए बनाई गई है 3 करोड़ की परियोजना


Simhastha 2028: सनातन आस्था के आदिकाल से प्रमुख देश के बारह ज्योतिर्लिंग में से एक मध्य प्रदेश के उज्जैन के बाबा महाकाल। अब यहां पर सिंहस्थ की 2028 की तैयारी होने लगी है। यही वजह है कि, देश का पहला ऐसा मंदिर होगा जहां पर भक्त एक साथ 20 लाइनों से अपने आराध्य को निहार सकेंगे। इस नई व्यवस्था को लेकर मंदिर प्रबंधन की ओर से कवायद शुरू कर दी गई है। इस साल दीपावली से इन नए इंतजामों का फायदा यहां आने वाले श्रद्धालुओं को मिलने लगेगा।

Ujjain mahakal lok

मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारी आरंभ (प्रतीकात्मक तस्वीर)

बाबा के दरस के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वर्तमान में भक्तों को बाबा के दर्शन दस लाइनों में करवाए जाते हैं। नई व्यवस्था को लेकर करीब तीन करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। फिलहाल मंदिर प्रबंधन द्वारा सामान्य श्रद्धालुओं को गणेश और कार्तिकेय मंडपम से 5-5 लाइनों में खड़ा करके अवंतिका के राजा महाकाल के दर्शन करवाए जाते हैं। भक्तों की तादाद बढ़ने पर गणेश मंडपम को बंद कर महज कार्तिकेय मंडपम से ही बाबा के दर्शन करवाए जाते हैं। ऐसे में भक्तों को अपने इष्ट को निहारने के लिए काफी इंतजार करना पड़ता है।

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