'अयोध्या में राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा देश की सच्ची स्वतंत्रता', इंदौर में बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि अयोध्या में भगवान राम के मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की तिथि को ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ के रूप में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने इस दिन को भारत की सच्ची स्वतंत्रता का दिन बताया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने सोमवार को कहा कि अयोध्या में भगवान राम के मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की तिथि ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ के रूप में मनाई जानी चाहिए, क्योंकि कई सदियों से परचक्र (दुश्मन का आक्रमण) झेलने वाले भारत की सच्ची स्वतंत्रता इस दिन प्रतिष्ठित हुई थी। भागवत ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महासचिव चंपत राय को इंदौर में ‘राष्ट्रीय देवी अहिल्या पुरस्कार’ प्रदान करने के बाद एक समारोह में यह बात कही।

Mohan Bhagwat.

फाइल फोटो।

प्राण प्रतिष्ठा को एक साल पूरा

राय को यह पुरस्कार ऐसे वक्त प्रदान किया गया, जब अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि पर बने मंदिर में राम लला की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा को हिंदू पंचांग के मुताबिक 11 जनवरी को एक साल पूरा हुआ है। संघ प्रमुख ने पुरस्कार समारोह में कहा कि राम मंदिर आंदोलन किसी का विरोध करने के लिए शुरू नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन भारत का ‘स्व’ जागृत करने के लिए शुरू किया गया था, ताकि देश अपने पैरों पर खड़ा होकर दुनिया को रास्ता दिखा सके।

End of Feed