मध्य प्रदेश में विकास का नया अध्याय; भोपाल और इंदौर में मेट्रोपॉलिटन रीजन की दिशा का बढ़ता कदम

मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर और भोपाल को मेट्रोपॉलिटन रीजन बनाने की प्रक्रिया को गति देने का फैसला किया है। इस योजना के तहत मप्र मेट्रोपॉलिटन नियोजन एवं विकास अधिनियम 2025 प्रस्तावित किया गया है। इसके तहत आधुनिक शहरी सुविधाओं का विकास करते हुए रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी जाएगी। जल्द ही डीपीआर तैयार करने के लिए टेंडर जारी किया जाएगा, जिससे इस परियोजना को आगे बढ़ाया जा सके।

मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर और भोपाल को मेट्रोपॉलिटन रीजन बनाने की प्रक्रिया को तेज करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर इस योजना की समीक्षा की। इसके तहत मप्र मेट्रोपॉलिटन नियोजन एवं विकास अधिनियम 2025 (एक्ट) प्रस्तावित किया गया है, जिसे 20 मई को कैबिनेट बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद, ये विधेयक जुलाई के संभावित मानसून सत्र में विधानसभा में पेश होगा।

metropolitan regions in indore and bhopal

भोपाल और इंदौर में मेट्रोपॉलिटन रीजन (प्रतिकात्मक फोटो)

इस योजना के अंतर्गत इंजीनियरिंग, लागत अनुमान और वर्क प्लान तैयार करने के लिए डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) का टेंडर 2 जून को जारी किया जाएगा। इस रिपोर्ट के लिए 18 विभागों से आवश्यक डेटा एकत्र किया जा रहा है। भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन का आकार 9600 वर्ग किलोमीटर, जबकि इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन का क्षेत्रफल 9336 वर्ग किलोमीटर होगा। इस परियोजना का लक्ष्य सीवेज, जल आपूर्ति, यातायात, पर्यटन, आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक विकास को एकीकृत करना है, जिसमें रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी जाएगी।

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